ममता ने नंदीग्राम में कहा- जो उन्हें बाहरी बता रहे हैं उनके लिए गुजरात से आए लोग स्थानीय हैं

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ममता ने नंदीग्राम में कहा- जो उन्हें बाहरी बता रहे हैं उनके लिए गुजरात से आए लोग स्थानीय हैं

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  • Publish Date - March 9, 2021 / 12:44 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:52 PM IST

नंदीग्राम (पश्चिम बंगाल), नौ मार्च (भाषा) मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नंदीग्राम में उन्हें ‘‘बाहरी’’ बताने वालों पर मंगलवार को जम कर बरसीं और कहा कि ऐसे लोगों के लिए ‘‘गुजरात से आए लोग’’ स्थानीय हैं।

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इस विधानसभा सीट से नामांकन दाखिल करने से एक दिन पहले बूथ स्तर के तृणमूल कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ममता ने कहा कि जिन लोगों ने ‘‘गुजरात से आए बाहरी लोगों’’ को अपनी जमीर बेच दी है, वे साम्प्रदायिकता का सहारा लेकर नंदीग्राम को बदनाम कर रहे हैं।

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख इस चर्चित सीट पर अपने पूर्व विश्वस्त शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरने जा रही हैं। अधिकारी कुछ समय पहले भाजपा में शामिल हो गये थे।

ममता ने अधिकारी का एक बार भी नाम लिए बगैर कहा कि उन्होंने (ममता ने) सिंगूर या नंदीग्राम में से किसी एक सीट से चुनाव लड़ने का अपना मन बना लिया था।

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गौरतलब है कि ये दोनों ही स्थान भूमि अधिग्रहण के खिलाफ राज्य में हुए आंदोलन का मुख्य केंद्र रहे थे और इस आंदोलन ने ममता को 2011 में मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाया था।

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि उन्होंने लोगों की जबरदस्त मांग को लेकर नंदीग्राम से चुनाव लड़ने का फैसला किया।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने सुना है कि कुछ लोग मुझे नंदीग्राम में बाहरी कह रहे हैं। मैं हैरान हो गई। मैं पड़ोसी बीरभूम जिले में जन्मीं और पली-बढ़ी हूं। आज मैं बाहरी हो गई और जो गुजरात से आए हैं वे बंगाल में स्थानीय हो गये। ’’

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अधिकारी अक्सर की खुद को भूमिपुत्र बताते हुए तृणमूल कांग्रेस प्रमुख पर पलटवार करते रहे हैं। दरअसल, ममता भाजपा पर बाहरी होने का आरोप लगाती रही हैं।

ममता ने अधिकारी पर साम्पद्रायिक भावनाएं भड़काने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘जिन्होंने बाहरी लोगों को अपनी जमीर बेच दी, वे साम्प्रदायिकता का सहारा लेकर नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण आंदोलन को बदनाम कर रहे हैं। ’’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘कुछ लोग 70:30 अनुपात (हिंदू-मुस्लिम आबादी) की बात कर रहे हैं। जो लोग ऐसा कर रहे हैं वे दोनों समुदायों के लोगों को आपस में लड़ा कर नंदीग्राम के पवित्र आंदोलन के बदनाम कर रहे हैं । नंदीग्राम के लोग मतदान के दिन एक अप्रैल को भाजपा को ‘अप्रैल फूल’ बनाएंगे।’’

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