(फाइल फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 17 जनवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल की वर्तमान स्थिति की 1905 के ‘बंग भंग’ से तुलना करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एसआईआर को रोकने तथा बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को बचाने के लिए हिंसा भड़काकर राज्य को भारत से अलग करने की कोशिश कर रही हैं।
पार्टी ने राज्य की जनता से ‘जागृत होकर इसके विरूद्ध एकजुट’ होने का आह्वान किया।
ब्रिटिश ने 1905 में बंगाल का विभाजन करने का प्रयास किया था जिसे बंग भंग के नाम से जाना जाता है।
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने यहां पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘ एक हैं तो सेफ हैं।’’
उन्होंने कहा कि कुछ समूहों को खुश करने के लिए अंग्रेजों ने बंगाल को विभाजित करने की कोशिश की थी। उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के तहत पश्चिम बंगाल में भी ऐसी ही स्थिति है । उन्होंने मुख्यमंत्री पर पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश में बदलने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ‘‘मौजूदा हालात को देखते हुए, कभी-कभी तो ऐसा लगता है मानो बंगाल भारत का एक अलग हिस्सा हो। क्या बंगाल भारत से दूर है? क्या बंगाल अब भी भारत का हिस्सा है?’’
भाजपा सांसद ने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने जिस तरह की शासन प्रणाली स्थापित की है उसने राज्य में आज ऐसी स्थिति पैदा कर दी है जो 1905 में अंग्रेजों द्वारा बंगाल को विभाजित करने के नापाक प्रयास ‘बंग भंग’ के समान है। अंग्रेज भी कुछ समूहों को प्रसन्न करना चाहते थे और इसलिए उन्होंने बंगाल को दो भागों में बांटना चाहा था।’’
पात्रा ने आरोप लगाया कि बनर्जी बांग्लादेशियों और रोहिंग्या घुसपैठियों को बचाने के लिए ‘हिंसा के माध्यम से’ पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को असंवैधानिक तरीके से रोकने की कोशिश कर रही हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मुर्शिदाबाद में इस समय हिंसा हो रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग 12 अवरुद्ध है और सभी रेल सेवाएं निलंबित हैं। ट्रेन जलाई जा रही हैं और ममता बनर्जी इसे अल्पसंख्यकों के गुस्से के कारण हो रही हिंसा बताकर उचित ठहरा रही हैं। अभिषेक बनर्जी का कहना है कि जब मतदाता सूची से नाम हटाए जाएंगे तभी विरोध प्रदर्शन होंगे।”
उन्होंने कहा, ‘‘वहां चुनाव अधिकारी सुरक्षित नहीं हैं। वे आत्महत्या कर रहे हैं, तृणमूल कार्यकर्ताओं के अत्यधिक दबाव के आगे घुटने टेक रहे हैं।’’
पात्रा ने आरोप लगाया कि बनर्जी और उनकी सरकार पश्चिम बंगाल समेत देश की सभी संवैधानिक प्रक्रियाओं पर ‘हमला’ कर रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘सीमा पर 72 संवेदनशील स्थल हैं जहां से बांग्लादेशी घुसपैठ कर रहे हैं। पत्र लिखे जाते हैं और बीएसएफ बार-बार बैठकें करती है, लेकिन ममता बनर्जी इन 72 बिंदुओं पर बाड़ लगाने के लिए जमीन उपलब्ध नहीं कराती हैं।’’
पात्रा ने कहा कि अवैध घुसपैठ के कारण कई जिलों की जनसांख्यिकी में बदलाव आया है।
उन्होंने कहा कि यह इसलिए है कि क्योंकि उनकी मंशा बंगभंग के माध्यम से पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश में बदलना है।
पात्रा ने बनर्जी पर ‘तुष्टीकरण की राजनीति की नींव पर बंगाल को विभाजित करने का प्रयास’ करने का आरोप लगाया।
पात्रा ने पश्चिम बंगाल की जनता से इस तरह के कदम के खिलाफ ‘जागने और एकजुट होने’ का आह्वान भी किया।
भाषा राजकुमार माधव
माधव