ममता ने धरना समाप्त किया, मतदाता सूची संशोधन पर अपीलीय अधिकरण गठित करने के कदम का स्वागत किया

ममता ने धरना समाप्त किया, मतदाता सूची संशोधन पर अपीलीय अधिकरण गठित करने के कदम का स्वागत किया

ममता ने धरना समाप्त किया, मतदाता सूची संशोधन पर अपीलीय अधिकरण गठित करने के कदम का स्वागत किया
Modified Date: March 10, 2026 / 09:17 pm IST
Published Date: March 10, 2026 9:17 pm IST

कोलकाता, 10 मार्च (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को ‘‘दोषपूर्ण एसआईआर प्रक्रिया’’ के खिलाफ अपना धरना पांचवें दिन समाप्त कर दिया और कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा मतदाता सूची में संशोधन के संबंध में अपीलीय अधिकरण गठित करने के आदेश के बाद विरोध-प्रदर्शन को अस्थायी रूप से स्थगित किया जा रहा है।

धरना ऐसे दिन खत्म हुआ, जब निर्वाचन आयोग की टीम ने पश्चिम बंगाल में चुनाव तैयारियों की समीक्षा के लिए अपना दो दिवसीय दौरा समाप्त किया।

उच्चतम न्यायालय द्वारा अपीलीय अधिकरण के गठन के कदम का स्वागत करते हुए बनर्जी ने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा बंद किया गया दरवाजा अब खुल गया है, जिससे उन लोगों के लिए आशा की एक नई किरण जगी है, जिनके नाम एसआईआर के तहत ‘तार्किक विसंगति’ के कारण हटा दिए गए थे या विचाराधीन थे।

मुख्यमंत्री ने धरना ‘‘अस्थायी रूप से’’ समाप्त करने की घोषणा करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस आगे की स्थिति पर नजर रखेगी।

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा, ‘‘हमने दो कारणों से धरना शुरू किया था – मनमाने ढंग से नामों को हटाने और यह सुनिश्चित करने के लिये कि वास्तविक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े जाएं।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने उच्चतम न्यायालय में याचिका एक ‘‘आम नागरिक’’ के रूप में दायर की है, न कि अपनी आधिकारिक क्षमता में, और आशा व्यक्त की कि न्यायपालिका यह सुनिश्चित करेगी कि वास्तविक मतदाताओं को मतदाता सूची से न हटाया जाए।

बनर्जी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय का आदेश बंगाल की जनता की जीत है।

उच्चतम न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची से नाम हटा दिये गये लोगों की अपीलें सुनने के लिए एक स्वतंत्र अपीलीय अधिकरण स्थापित करने का मंगलवार को आदेश दिया, जिसकी अध्यक्षता उच्च न्यायालयों के पूर्व न्यायाधीश करेंगे।

बनर्जी ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर निर्वाचन आयोग की प्रतिक्रिया भाजपा से प्रभावित प्रतीत होती है। साथ ही उन्होंने मतुआ, मुस्लिम, ईसाई और आदिवासी सहित सभी समुदायों के लिए न्याय की मांग की।

एलपीजी सिलेंडर की कीमतें बढ़ाने के लिए भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए बनर्जी ने कहा कि विज्ञापन पर खर्च किया जा रहा पैसा रसोई गैस पर सब्सिडी के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

भाषा शफीक दिलीप

दिलीप


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