नारद मामले को स्थानांतरित करने की सीबीआई की याचिका में ममता, कानून मंत्री को पक्ष बनाया गया

नारद मामले को स्थानांतरित करने की सीबीआई की याचिका में ममता, कानून मंत्री को पक्ष बनाया गया

नारद मामले को स्थानांतरित करने की सीबीआई की याचिका में ममता, कानून मंत्री को पक्ष बनाया गया
Modified Date: November 29, 2022 / 08:36 pm IST
Published Date: May 19, 2021 9:07 am IST

कोलकाता, 19 मई (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कानून मंत्री मलय घटक को कलकत्ता उच्च न्यायालय में दाखिल सीबीआई की उस याचिका में पक्ष बनाया गया है जिसमें नारद स्टिंग टेप मामले को राज्य से बाहर भेजने का अनुरोध किया गया है।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले में सुनवाई के लिए बुधवार दोपहर दो बजे का समय तय किया।

पीठ पश्चिम बंगाल के मंत्रियों सुब्रत मुखर्जी और फरहाद हकीम, तृणमूल कांग्रेस के विधायक मदन मित्रा और कोलकाता के पूर्व मेयर शोभन चटर्जी की याचिकाओं पर भी सुनवाई करेगी जिसमें नारद स्टिंग मामले में उनकी गिरफ्तारी के सिलसिले में सीबीआई की एक अदालत द्वारा दी गयी जमानत पर रोक लगाने के अदालत के आदेश को वापस लेने का अनुरोध किया गया है।

जांच एजेंसी ने बनर्जी और घटक के अलावा तृणमूल कांग्रेस के सांसद तथा वकील कल्याण बनर्जी को भी उच्च न्यायालय में अपनी याचिका में पक्ष बनाया है।

सीबीआई की ओर से भारत के सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने सोमवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल और न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी की खंडपीठ से कहा था कि यहां जांच एजेंसी के कार्यालय के बाहर मुख्यमंत्री के धरने पर बैठने से असाधारण स्थिति पैदा हो गयी है।

सीबीआई ने यह दावा भी किया कि पश्चिम बंगाल के कानून मंत्री भीड़ के साथ अदालत में मौजूद थे जहां आरोपियों को पेश किया जाना था।

एजेंसी ने कहा कि गिरफ्तार किये गये नेताओं के अनेक समर्थकों ने यहां निजाम पैलेस में सीबीआई दफ्तर का घेराव किया और उसके अधिकारियों को बाहर नहीं निकलने दिया जिन्हें आरोपियों को अदालत में पेश करना था।

बाद में सोमवार को डिजिटल माध्यम से आरोपियों को विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया गया था।

भाषा वैभव मनीषा

मनीषा


लेखक के बारे में