मतदाता सूची में संशोधन का विरोध करने के लिए ममता ने धरना मंच पर ‘एसआईआर’ और ‘गायब’ लिखा
मतदाता सूची में संशोधन का विरोध करने के लिए ममता ने धरना मंच पर ‘एसआईआर’ और 'गायब' लिखा
कोलकाता, 10 मार्च (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध के रूप में ‘कला’ का सहारा लिया और अपने धरने के पांचवें दिन ‘एसआईआर’ और ‘गायब’ शब्दों को उकेरा और आरोप लगाया कि वास्तविक मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं।
सेंट्रल कोलकाता के मेट्रो चैनल में धरनास्थल पर ममता बनर्जी को एक ‘स्टैंड’ पर रखी हरी पृष्ठभूमि वाली कैनवास पर हल्के रंगों से चित्र बनाते देखा गया। कैनवास के ऊपरी हिस्से में उन्होंने पेंट से ‘एसआईआर’ लिखा, जबकि बीच में सफेद रंग में ‘गायब (वैनिश)’ शब्द उकेरा।
कैनवास पर कई छोटे अनियमित वृत्त और एक बड़े नक्शे की रूपरेखा थी, जो हरे कैनवास के हिस्सों को धीरे-धीरे सफेद कर रहा था। ममता की इस पेंटिंग से यह प्रतीत होता है कि यह मतदाता सूची से ‘लोगों के नाम हटाये जाने का संकेत है’।
मुख्यमंत्री पेंटिंग करने में व्यस्त थीं, जबकि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार शहर में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
ममता छह मार्च से धरना दे रही हैं, ताकि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा किए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ विरोध जताया जा सके। उनका आरोप है कि इसकी वजह से राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं नाम हटा दिए गए हैं।
तृणमूल कांग्रेस के कई समर्थकों ने भी धरनास्थल के सामने कला का इस्तेमाल करके अपने विरोध का प्रदर्शन किया।
भाषा रंजन सुरेश
सुरेश

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