व्यक्ति की हत्या कर शव गुरुग्राम के नाले में फेंका, पूर्व सहकर्मी समेत दो गिरफ्तार

व्यक्ति की हत्या कर शव गुरुग्राम के नाले में फेंका, पूर्व सहकर्मी समेत दो गिरफ्तार

व्यक्ति की हत्या कर शव गुरुग्राम के नाले में फेंका, पूर्व सहकर्मी समेत दो गिरफ्तार
Modified Date: September 18, 2026 / 10:34 am IST
Published Date: September 18, 2026 10:34 am IST

नयी दिल्ली, 18 सितंबर (भाषा) दक्षिण पूर्वी दिल्ली के 31 वर्षीय शख्स की हत्या कर उसका शव गुरुग्राम के नाले में फेंकने के आरोप में उसकी पूर्व सहकर्मी समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

दिल्ली पुलिस ने सरिता विहार निवासी युवराज सिंह मनचंदा की हत्या के आरोप में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मृतक की पूर्व सहकर्मी आन्या वत्स और उसके सहयोगी संयम सचदेवा के तौर पर की है।

पुलिस के अनुसार, युवराज को आखिरी बार देखे जाने के पांच दिन बाद 11 सितंबर को उनकी बहन ने लाजपत नगर थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी।

पुलिस ने बताया कि छह सितंबर को युवराज अपनी बहन के साथ लाजपत नगर के सेंट्रल मार्केट में खरीदारी करने गए थे और बाद में लाजपत नगर-द्वितीय स्थित ‘गोल्डन ड्रैगन’ रेस्तरां गए। वह शाम करीब चार बजे वह यह कहकर रेस्तरां से निकले कि उन्हें गुरुग्राम में किसी से मिलना है और वह रात करीब 10 बजे तक घर लौट आएंगे।

पुलिस ने बताया कि जब वह नहीं लौटे और उनका मोबाइल फोन बंद आने लगा, तो उनके परिवार ने उनका पता लगाने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस में मामला दर्ज कराया गया।

पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि युवराज की आखिरी बार बात उनकी पूर्व सहकर्मी वत्स के साथ हुई थी और उन्होंने अपने परिवार को बताया था कि वह उससे मिलने गुरुग्राम जा रहे हैं।

इसके बाद दोनों के फोन बंद हो गए। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली, तकनीकी डेटा का विश्लेषण करना शुरू किया और युवराज तथा संदिग्ध के कार्यालयों में पूछताछ की।

पुलिस ने बताया कि इसके बाद वत्स एक मुख्य संदिग्ध के रूप में सामने आई और उस पर निगरानी रखी गई। पुलिस ने उसके द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे एक नए मोबाइल नंबर का पता लगाया और उसके विश्लेषण से उत्तराखंड में उसकी मौजूदगी का संकेत मिला।

पुलिस की एक टीम उत्तराखंड भेजी गई, जहां वत्स और सचदेवा का सुराग लगाकर उन्हें पकड़ लिया गया।

पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान दोनों ने कथित तौर पर खुलासा किया कि उन्होंने युवराज की हत्या कर दी थी और उसके शव को गुरुग्राम में अपने घर के पास एक नाले में फेंक दिया था।

गुरुग्राम के बादशाहपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक नाले से 10 सितंबर को एक अज्ञात शव बरामद हुआ था।

पुलिस ने बताया कि शव की तस्वीरें हासिल की गईं और युवराज के परिवार के सदस्यों को दिखाई गईं, जिन्होंने उसकी पहचान युवराज के रूप में की।

दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

पुलिस ने कहा कि घटनाओं के पूरे क्रम को स्थापित करने तथा तकनीकी एवं फॉरेंसिक साक्ष्य एकत्र करने के लिए आगे की जांच जारी है।

भाषा नोमान रंजन वैभव

वैभव


लेखक के बारे में