श्री विजय पुरम, 22 जून (भाषा) कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने सोमवार को केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू के उस दावे को निराधार बताया जिसमें रीजीजू ने कहा था कि अंडमान में राहुल गांधी की ‘‘स्कूबा डाइविंग’’ पर 26 करोड़ रुपये खर्च हुए।
टैगोर ने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री का यह बयान या तो अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में पर्यटन को हतोत्साहित करने के लिए दिया गया है या फिर प्रस्तावित ग्रेट निकोबार विकास परियोजना से जुड़े सवालों से लोगों का ध्यान भटकाने के उद्देश्य से है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में प्रस्तावित ग्रेट निकोबार परियोजना की आलोचना को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के निशाने पर हैं।
अप्रैल के अंतिम सप्ताह में द्वीपसमूह के दौरे के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने इस परियोजना को ‘देश की प्राकृतिक और जनजातीय विरासत के खिलाफ सबसे बड़े घोटालों और गंभीर अपराधों में से एक’ करार दिया था।
पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गांधी ने अपने अंडमान दौरे और समुद्र में की गई ‘स्कूबा डाइविंग’ का एक वीडियो साझा किया था। इसके साथ किए गए एक पोस्ट में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार पर ‘‘वनाधिकार कानून का उल्लंघन कर जनजातीय समुदायों की जमीन छीनने’’ का आरोप लगाया था।
पिछले शनिवार को रीजीजू ने राहुल गांधी के ‘स्कूबा डाइविंग’ वीडियो का उल्लेख करते हुए कहा था, ‘‘उस एक स्कूबा डाइविंग के पीछे 26 करोड़ रुपये खर्च किए गए और पूरे तंत्र ने उस खबर को समुद्री जीवन और पर्यावरण से जोड़कर प्रचारित किया। ऐसा व्यापक प्रचार किया गया।’’
रीजीजू ने कहा था, ‘‘लेकिन अब लोग सब कुछ जानते हैं। आप सत्ता में नहीं आ सकते, तो देश की प्रगति, संपत्तियों और भविष्य को नुकसान क्यों पहुंचाना चाहते हैं?’’
इस पर पलटवार करते हुए टैगोर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि रीजीजू ने ‘‘मानो एक नया मंत्रालय संभाल लिया है, जिसका नाम है मानहानि मंत्रालय।’’
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘राहुल गांधी की अंडमान यात्रा और स्कूबा डाइविंग पर 26 करोड़ रुपये खर्च होने का दावा बेतुका है और इससे जवाबों से अधिक सवाल खड़े होते हैं।’’
टैगोर ने कहा कि ‘स्कूबा डाइविंग’ अंडमान द्वीपसमूह में एक लोकप्रिय पर्यटन गतिविधि है।
उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या अब हमें यह मान लेना चाहिए कि अंडमान में गोताखोरी करने वाला हर पर्यटक करोड़ों रुपये खर्च करता है?’’
कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘‘एक केंद्रीय मंत्री ऐसी भ्रामक जानकारी क्यों फैला रहे हैं? क्या इसका उद्देश्य अंडमान में पर्यटन को हतोत्साहित करना है? या फिर ग्रेट निकोबार के भविष्य तथा बहुमूल्य राष्ट्रीय परिसंपत्तियों और संसाधनों को अदाणी समूह के हितों को सौंपे जाने संबंधी उठ रहे गंभीर सवालों से ध्यान हटाना है?’’
उन्होंने कहा, ‘‘अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह बिक्री के लिए नहीं है। विकास का अर्थ कुछ चुनिंदा कॉरपोरेट घरानों के लाभ के लिए पर्यावरण, आजीविका और राष्ट्रीय संपत्तियों की बलि देना नहीं हो सकता। जनता को प्रचार नहीं, जवाब चाहिए।’’
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