इंफाल: Manipur Cabinet ka faisla भारत ही नहीं दुनिया के कई देशों में जनसंख्या नियंत्रण को लेकर काम किया जा रहा है। जहां भारत ने बच्चे दो ही अच्छ की नीति अपनाई तो कई देशों ने एक ही बच्चे का नियम बना दिया है। इसी कड़ी में मणिपुर सरकार ने कल हुए कैबिनेट बैठक में सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। यहां की सरकार ने तय किया है कि जिनके 4 या 4 से अधिक बच्चे हैं उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। इतना ही नहीं ऐसे परिवार के सदस्य सरकारी नौकरी के लिए भी पात्र नहीं होंगे।
Manipur Cabinet ka faisla मिली जानकारी के अनुसार मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की, जिसने इस संबंध में निर्णय लिया और राज्य जनसंख्या आयोग की स्थापना को स्वीकृति दी। रंजन ने कहा कि राज्य विधानसभा ने पहले मणिपुर में जनसंख्या आयोग की स्थापना के लिए एक निजी सदस्य प्रस्ताव को अपनाया था। भाजपा विधायक, खुमुक्चम जोयकिसन ने राज्य में बाहरी लोगों की कथित घुसपैठ पर प्रस्ताव पेश किया था।
प्रस्ताव में जोयकिसन ने राज्य में जनसंख्या का पैटर्न बदलने की बात कही थी। आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने सदन को बताया था कि मणिपुर के पहाड़ी जिलों में 1971-2001 के दौरान 153.3 प्रतिशत की जनसंख्या वृद्धि थी। 2001-2011 के दौरान यह 250 प्रतिशत हो गई। नागा, कुकी और जोमी और अन्य आदिवासी ज्यादातर पहाड़ी जिलों में रहते हैं। असम सरकार ने भी करीब एक साल पहले एक आदेश जारी किया था। इसमें कहा गया था कि दो से अधिक बच्चों वाले किसी भी व्यक्ति को सरकारी नौकरियों अथवा सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं दिया जाएगा।