मणिपुर: मुख्यमंत्री के आवास की ओर मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प

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मणिपुर: मुख्यमंत्री के आवास की ओर मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प

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  • Publish Date - April 25, 2026 / 07:40 PM IST,
    Updated On - April 25, 2026 / 07:40 PM IST

इंफाल, 25 अप्रैल (भाषा) मणिपुर में स्थायी शांति की मांग कर रहे हजारों लोगों की शनिवार को पुलिस से झड़प हुई, जब उन्हें यहां मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने से रोका गया।

हालांकि, बाद में प्रदर्शनकारियों के एक समूह को मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह से मिलने की अनुमति दी गई और उन्होंने इस मामले पर एक ज्ञापन सौंपा।

मेइती संगठन कोकोमी (कोआर्डिनेटिंग कमेटी आन मणिपुर इंटीग्रिटी) के तत्वावधान में प्रदर्शनकारियों ने चार अलग-अलग रैलियां निकालीं, जिन्हें बाबुपारा क्षेत्र में मुख्यमंत्री के बंगले से पहले विभिन्न स्थानों पर रोक दिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए और मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले सभी मार्ग पर बैरिकेड लगाए गए, जिनमें इंफाल के मध्य में स्थित कीसमपत जंक्शन, कांगला गेट, कोनुंग मामांग और मोइरांगखोम शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के बंगले से लगभग दो किलोमीटर दूर इंफाल पूर्वी जिले के खुराई लामलॉन्ग में पुलिस बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के कई गोले दागे।

प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की और तख्तियां ले रखी थीं, जिन पर बिष्णुपुर जिले में हाल ही में हुए बम विस्फोट में मारे गए दो बच्चों के लिए न्याय और जातीय संघर्ष से प्रभावित आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के पुनर्वास की मांग की गई थी।

कोकोमी संयोजक वाई. के. धीरेन ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद पत्रकारों से कहा कि संगठन जनता के साथ मिलकर लोगों की मांगों को मनवाने के लिए आंदोलन को और तेज करेगा।

उन्होंने कहा कि 3 मई, 2023 से मणिपुर संकट का कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्णायक राजनीतिक इच्छाशक्ति का अभाव है और परस्पर विरोधी बयानों ने शांति प्रयासों में बाधा डाली है।

कोकोमी प्रवक्ता नाहकपम शांता सिंह ने इससे पहले कहा था कि संगठन मणिपुर सरकार से 7 अप्रैल को ट्रोंगलाओबी में हुए बम विस्फोट में दो बच्चों की मौत पर कार्रवाई रिपोर्ट की मांग करता है।

उन्होंने कहा, ‘‘इसके साथ ही हमने कई अन्य मांगें भी रखी हैं। अगर सरकार जवाब देने में विफल रहती है, तो हम आंदोलन के अन्य लोकतांत्रिक तरीकों का सहारा लेने के लिए मजबूर होंगे।’

तीन मई, 2023 से मणिपुर में इंफाल घाटी के मेइती और आसपास की पहाड़ियों में रहने वाले कुकी समुदायों के बीच हुई जातीय हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।

भाषा अमित दिलीप

दिलीप