इंफाल, 10 जून (भाषा) मणिपुर के कांगपोकपी जिले में छह शव मिलने के बाद मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य सरकार अत्याचारों को मूकदर्शक बनकर नहीं देखेगी।
ये शव नगा समुदाय के उन छह लोगों के होने का संदेह है, जिन्हें 13 मई को कांगपोकपी जिले के लेइलोन वैफेई गांव से अगवा किया गया था।
मुख्यमंत्री ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि सरकार इस तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं करेगी और इन अत्याचारों को मूकदर्शक बनकर नहीं देखेगी। उन्होंने कहा कि हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा और कानून के अनुसार सजा दी जाएगी।
नगालैंड के मुख्यमंत्री नीफियू रियो ने भी मणिपुर में छह नगा लोगों की हत्या की कड़ी निंदा की है।
ये शव उस घटना के एक दिन बाद मिले हैं जब मणिपुर के सेनापति जिले में लगभग एक महीने पहले हथियारबंद समूहों द्वारा अगवा किए गए 14 कुकी लोगों को रिहा किया गया था।
पुलिस ने बताया कि मणिपुर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और असम राइफल्स के लगभग 450 जवानों ने खोजी कुत्तों और फोरेंसिक दलों की मदद से करीब 24 घंटे तक लगातार तलाशी अभियान चलाया, जिसके बाद बुधवार दोपहर इन छह लोगों के शव बरामद किए गए।
उन्होंने कहा, ‘‘माना जा रहा है कि मरने वाले लोग वे हैं जिन्हें 13 मई, 2026 को लेइलोन वैफेई से बंधक बनाया गया था।’’
ये 14 कुकी लोग और छह नगा लोग उन लोगों में शामिल थे जिन्हें 13 मई को कांगपोकपी जिले में चर्च के तीन नेताओं की हत्या के बाद अगवा कर लिया गया था।
मुख्यमंत्री ने बाद में ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘कांगपोकपी जिले के लेइलोन वैफेई से अगवा किए गए छह निर्दोष नगा ग्रामीणों की नृशंस हत्या से बहुत व्यथित हूं। मेरी संवेदनाएं शोक-संतप्त परिवारों के साथ हैं।’’
सिंह ने कहा, ‘‘मणिपुर सरकार इस जघन्य कृत्य की निंदा करती है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के कठघरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। एनआईए मामले की जांच कर रही है। हिंसा की हमारे समाज में कोई जगह नहीं है। हम मणिपुर में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाकर रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’
नगालैंड के मुख्यमंत्री रियो ने इन हत्याओं को भयावह और अमानवीय कृत्य करार देते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने नगालैंड, मणिपुर और नगा बहुल इलाकों में शांति और संयम बरतने की अपील भी की है।
रियो ने ‘एक्स’ पर कहा कि घटना इसलिए और अधिक पीड़ादायी है क्योंकि नगा संगठनों द्वारा 14 बंधकों की सुरक्षित रिहाई के बाद इसे अंजाम दिया गया। उन्होंने कहा कि सभी 14 बंधकों की सुरक्षित रिहाई विषम परिस्थितियों में भी मानवीय गरिमा के प्रति नगा लोगों की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि हालांकि, कथित तौर पर कुकी समुदाय द्वारा बंधक बनाए गए छह नगा बंधकों की इसी तरह रिहाई की अपीलों का असर नहीं हुआ और उनकी हत्या कर दी गई।
रियो ने भारत सरकार और मणिपुर सरकार से तत्काल न्याय सुनिश्चित करने की मांग करते हुए अनुरोध किया कि जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाए, उन्हें पकड़ा जाए और कानून के तहत उन पर मुकदमा चलाया जाए।
इन छह लोगों के शवों को देर रात करीब दो बजे इंफाल के जेएनआईएमएस मुर्दाघर लाया गया। इन हत्याओं की जांच के सिलसिले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) का एक दल जेएनआईएमएस मुर्दाघर पहुंचा।
नगा लोगों के शव मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने बुधवार देर रात सेनापति जिले के लियांगमाई ताफोऊ में नगा पीपल्स फ्रंट मणिपुर इकाई के दफ्तर में कथित तौर पर तोड़फोड़ की।
पुलिस ने बताया कि उपद्रवियों ने बुधवार शाम कारोंग इलाके में एक स्कूल के पास दो ट्रकों में भी आग लगा दी।
मणिपुर में नगा समुदाय के शीर्ष संगठन यूनाइटेड नगा काउंसिल ने इन हत्याओं के विरोध में बृहस्पतिवार को सुबह छह बजे से राज्य के अनेक हिस्सों में 24 घंटे के बंद का आह्वान किया है।
यूनाइटेड नगा काउंसिल ने हत्याओं की निंदा की और इस जघन्य कृत्य में कथित संलिप्तता के लिए ‘‘कुकी नेशनल फ्रंट-प्रेसिडेंट ग्रुप (केएनएफ-पी) को आतंकवादी संगठन घोषित करने’’ की मांग की।
भाषा
वैभव मनीषा
मनीषा