नयी दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मणिपुर में हिंसा की ताजा घटना को लेकर बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि यह स्थिति ‘विभाजनकारी विचारधारा’ का नतीजा है।
उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि आज मणिपुर ही नहीं, पूरा देश ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से संवेदना के दो शब्द की उम्मीद भी छोड़ चुका है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि मणिपुर में फिर हिंसा हुई है और 20 घर जलकर राख हो गए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘दो सरकारों और राष्ट्रपति शासन के बावजूद संघर्ष गहराता ही जा रहा है। हजारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, अनगिनत परिवार उजड़ गए हैं।’’
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि यह ‘‘विभाजनकारी विचारधारा’’ का नतीजा है, जो लोगों को धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र और पहचान के नाम पर बांटती है।
गांधी ने दावा किया कि आज मणिपुर ही नहीं, पूरा देश प्रधानमंत्री से संवेदना के दो शब्द की भी उम्मीद छोड़ चुका है।
उन्होंने कहा, ‘‘मणिपुर बेहतर का हकदार है और इसके लिए भारत जोड़ना ही एकमात्र रास्ता है।’’
मणिपुर के कामजोंग जिले में बुधवार को भारत-म्यांमा सीमा के पास कम से कम दो आदिवासी गांवों के कई घरों में हथियारबंद उग्रवादियों ने आग लगा दी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि अपराह्न करीब 12:30 बजे कुकी-जो समुदाय के गांव फाइमोल में फूस के बने कई घरों में आग लगा दी गई। यह गांव अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास चसाड थाने से लगभग 45 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है।
भाषा हक
हक नरेश
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