पत्तनमथिट्ठा (केरल), दो जुलाई (भाषा) केरल विधानसभा अध्यक्ष तिरुवनचूर राधाकृष्णन ने बृहस्पतिवार को कहा कि विधानसभा में लगे माइक्रोफोन बहुत शक्तिशाली हैं और कभी-कभी ऐसी बातें भी उनमें रिकॉर्ड हो सकती हैं जो सदन के रिकॉर्ड से बाहर होती है लेकिन केवल उन्हीं बयानों को ध्यान में रखा जाना चाहिए जो आधिकारिक रिकॉर्ड का हिस्सा हैं।
राधाकृष्णन ने पिछले सप्ताह विधानसभा में किए गए एक अनुरोध पर मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन के जवाब के बाद माइक चालू रहने के दौरान की गई मुख्यमंत्री की कथित टिप्पणी संबंधी विवाद पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए यह कहा।
कुट्टनाड से विधायक रेजी चेरियन (केरल कांग्रेस-जोसेफ) ने एक वार्षिक आयोजन के लिए कुट्टनाड में स्थानीय अवकाश घोषित किए जाने का अनुरोध किया था। चेरियन की पार्टी सत्तारूढ़ सत्तारूढ़ संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की घटक है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में जवाब देते हुए कहा था कि सरकार इस अनुरोध पर विचार करेगी लेकिन अपनी सीट पर बैठने के कुछ ही क्षण बाद सतीशन को खुले माइक पर कथित तौर पर यह कहते सुना गया, ‘‘किसी भी परिस्थिति में इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी।’’
यह टिप्पणी वीडियो में रिकॉर्ड हो गई और एलडीएफ विधायकों द्वारा सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा की गई, जिससे राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, “हमारे पास बहुत शक्तिशाली माइक्रोफोन हैं इसलिए कुछ बातें सुनाई दे सकती हैं। आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज बातों पर ही विचार किया जाना चाहिए। यदि कोई सदस्य बैठकर या अपने निर्धारित स्थान से हटकर कुछ बोलता है तो वह विधानसभा के रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं बनेगा।’’
उन्होंने यह भी कहा कि केवल वही बयान आधिकारिक रूप से दर्ज होते हैं जो सदस्य अपनी निर्धारित सीट पर खड़े होकर देते हैं।
उन्होंने कहा, “रिकॉर्ड से बाहर बहुत सी बातें कही जाती हैं। यह विवाद मुख्यमंत्री के बयान के साथ समाप्त हो गया था। उसके बाद जो कहा गया, वह आधिकारिक रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं है। मैं केवल वही कह सकता हूं जो केरल विधानसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज है।”
भाषा रंजन रंजन सिम्मी
सिम्मी