मणिपुर: नगा महिलाओं ने छह अपहृत व्यक्तियों की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया
मणिपुर: नगा महिलाओं ने छह अपहृत व्यक्तियों की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया
इंफाल, 20 मई (भाषा) मणिपुर के नगा बहुल क्षेत्रों में काफी संख्या में महिलाओं ने संदिग्ध कुकी उग्रवादियों द्वारा बंधक बनाए गए छह व्यक्तियों की तत्काल रिहाई की मांग करते हुए बुधवार को प्रदर्शन किए।
सेनापति जिला मुख्यालय में जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा, क्योंकि विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर बाजार बंद रहे और सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी नहीं हुई।
प्रदर्शनकारियों ने न्याय की मांग करते हुए नारे लगाए और तख्तियां लहराईं, जिनपर लिखा था, ‘‘बंधकों को रिहा करो; कुकी उग्रवादियों, अपहरण बंद करो।’’
नगा महिला संघ की अध्यक्ष प्रिसिला थिउमाई ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं और बंधकों को जल्द से जल्द बिना किसी नुकसान के वापस लाया जाए।’’
उन्होंने कहा कि दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर अदालत के कठघरे में खड़ा किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कुकी उग्रवादियों के इस तरह के कृत्य स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘हम केंद्र से अपील करते हैं कि वह कुकी उग्रवादियों के साथ हुए अभियान निलंबन समझौते (एसओओ) को रद्द करे।’’
उखरुल, चंदेल, तामेंगलोंग और नोनी में भी सैकड़ों महिलाओं ने लापता व्यक्तियों के परिवारों के साथ एकजुटता व्यक्त करने और सरकार से उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने का आग्रह करने के लिए इसी तरह के विरोध प्रदर्शन किए।
कांगपोकपी जिले में 13 मई को तीन व्यक्तियों की घात लगाकर हत्या किए जाने के कुछ घंटों बाद, कांगपोकपी और सेनापति जिलों में सशस्त्र समूहों द्वारा 38 से अधिक लोगों का अपहरण कर उन्हें बंधक बना लिया गया।
उनमें से 31 लोगों को रिहा कर दिया गया है, जिनमें कोंसाखुल गांव की 12 नगा महिलाएं और कांगपोकपी जिले के 16 कुकी शामिल हैं। दो सेल्सियन बंधुओं को भी रिहा किया गया।
हालांकि, छह नगा पुरुषों को अब भी बंधक बनाकर रखा गया है और उनका अब तक अता-पता नहीं चल सका है।
राज्य में कुकी जनजातियों की सर्वोच्च संस्था, कुकी इनपी मणिपुर ने भी दावा किया है कि समुदाय के 14 लोगों को नगा समूहों ने बंधक बना रखा है।
भाषा सुभाष सुरेश
सुरेश

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