मणिपुरी गिटारवादक की मां ने कहा- बेटे के अच्छे परीक्षा परिणाम से खुश था विक्रम

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मणिपुरी गिटारवादक की मां ने कहा- बेटे के अच्छे परीक्षा परिणाम से खुश था विक्रम

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  • Publish Date - September 10, 2026 / 03:37 PM IST,
    Updated On - September 10, 2026 / 03:37 PM IST

इंफाल, 10 सितंबर (भाषा) दिल्ली में हमले के बाद मारे गए मणिपुरी संगीतकार चोंगथाम विक्रम सिंह की 86 वर्षीय मां ने बृहस्पतिवार को बताया कि मौत से कुछ दिन पहले विक्रम ने उन्हें एक संदेश भेजा था, जिसमें उसने अपने बेटे के सेमेस्टर परीक्षा में अच्छे परिणाम आने पर खुशी जाहिर की थी।

मणिपुर की प्रसिद्ध पार्श्व गायिका चोंगथाम कमला देवी, जिन्हें प्यार से ‘मणिपुर की लता मंगेशकर’ कहा जाता है, ने इंफाल पश्चिम जिले के थांगमेइबंद स्थित अपने आवास पर ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में याद किया कि वह और उनका बेटा कला और संगीत को लेकर किस तरह चर्चा किया करते थे।

देवी ने कहा, ‘उसकी मौत से तीन-चार दिन पहले उसने मुझे एक संदेश भेजा था, जिसमें उसने बताया था कि मेरे पोते ने सेमेस्टर परीक्षा में बहुत अच्छे अंक हासिल किए हैं और उसे पुरस्कार मिलेगा… हम बहुत खुश थे।’

जिस दिन विक्रम की मौत हुई, उस दिन ‘एकादशी’ थी और उनके 95 वर्षीय पिता, जो बहुत धार्मिक प्रवृत्ति के हैं, उपवास रखे हुए थे।

उन्होंने कहा, ‘इसलिए हमने तय किया कि रात के खाने के बाद उन्हें (विक्रम के पिता को) उसकी मौत की खबर बताएंगे… लेकिन हम ऐसा नहीं कर सके और उनसे कहा कि कुछ लोगों के हमले में विक्रम घायल हो गया है और आईसीयू में भर्ती है। अगली सुबह मैं जल्दी उठ गई और अखबार छिपा दिया, ताकि उसके पिता की नजर खबर पर न पड़े।’

उन्होंने कहा, ‘नाश्ते के बाद हमने विक्रम के पिता को अप्रत्यक्ष रूप से बताया कि उसकी हालत बिगड़ गई है और बचने की संभावना बहुत कम है। बाद में जब हमने उन्हें विक्रम की मौत की खबर दी तो वह अपने कमरे में चले गए और खाना खाने से इनकार कर दिया।’

54 वर्षीय संगीतकार की दिल्ली के किलोकरी इलाके में उनके घर के बाहर शोर और शराब पीने का विरोध करने पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है और एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है।

सिंह दो दशक से अधिक समय से किलोकरी में रह रहे थे और वह एक प्रसिद्ध संगीतकार और गिटारवादक थे। वह 1980 के दशक की शुरुआत में मणिपुर के रॉक बैंड ‘फीनिक्स’ के मुख्य गिटारवादक थे और बाद में दिल्ली में संगीत शिक्षक और प्रस्तोता के रूप में काम करते रहे।

विक्रम के भाई चोंगथम टॉमी ने पीटीआई. भाषा से कहा, ‘‘हमें अभी तक पोस्टमास्टम रिपोर्ट नहीं मिली है। दिल्ली पुलिस और सभी संबंधित अधिकारियों व जन प्रतिनिधियों ने बहुत मदद की है।’’

संगीतकार के पार्थिव शरीर को हवाई मार्ग से बुधवार शाम को इंफाल लाए जाने के बाद परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार किया।

भाषा तान्या नरेश

नरेश