(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, छह मई (भाषा) पंजाब में हुए दोहरे विस्फोट को लेकर बुधवार को राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले डर का माहौल बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
वहीं, भाजपा ने पलटवार करते हुए मान की टिप्पणियों को निंदनीय बताया। पार्टी ने आरोप लगाया कि मान ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की संभावित संलिप्तता की ओर इशारा करने वाले प्रारंभिक जांच निष्कर्षों को नजरअंदाज किया।
पंजाब में मंगलवार रात दो विस्फोट हुए। पहला, जालंधर में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के पंजाब फ्रंटियर के मुख्यालय के बाहर लगभग आठ बजे और दूसरा, अमृतसर के खासा में सेना छावनी क्षेत्र के पास रात करीब 11 बजे।
मान ने इन विस्फोटों को “मामूली” घटना बताते हुए आरोप लगाया कि भाजपा विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब में डर का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।
मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा, “भाजपा एक सांप्रदायिक पार्टी है। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव संपन्न हो चुके हैं और उन्होंने (भाजपा) कहा है कि अब पंजाब की बारी है, जिससे संकेत मिलता है कि ये मामूली विस्फोट पंजाब विधानसभा चुनावों की उनकी तैयारी का हिस्सा हैं।”
मान ने कहा कि भाजपा लोगों को डराकर वोट हासिल करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी हमेशा हिंसा भड़काकर और जनता को डराकर वोट हासिल करने की कोशिश करती है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने मान पर पलटवार करते हुए उनकी टिप्पणी को “निंदनीय” करार दिया। उन्होंने मान पर जांच के निष्कर्षों का इंतजार किए बिना राजनीति से प्रेरित टिप्पणियां करने का आरोप लगाया।
पात्रा ने यहां भाजपा मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, “पंजाब एक संवेदनशील सीमावर्ती राज्य है और स्वाभाविक रूप से वहां चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाती है। मुख्यमंत्री का दिया हर बयान महत्वपूर्ण होता है। किसी भी जांच रिपोर्ट का इंतजार किए बिना, भगवंत मान ने अरविंद केजरीवाल के इशारे पर और राजनीतिक लाभ के लिए ऐसा बयान दिया। यह निंदनीय है।”
भाजपा प्रवक्ता ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव के एक बयान का हवाला देते हुए दावा किया कि शुरुआती जांच में दोनों विस्फोट में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की संलिप्तता के संकेत मिलते हैं।
पात्रा ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान और आईएसआई ने समय-समय पर आतंकवादी गतिविधियों के जरिये पंजाब और जम्मू-कश्मीर में अशांति पैदा करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि दोनों विस्फोट की जांच जारी है।
पात्रा ने कहा, “यह पहली बार नहीं है, जब इस तरह के प्रयास किए गए हैं। पाकिस्तान और आईएसआई समय-समय पर आतंकवादियों के माध्यम से पंजाब और जम्मू-कश्मीर में ऐसी स्थिति पैदा करने की कोशिश करते रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “जांच जारी है। लेकिन अरविंद केजरीवाल के इशारे पर दिया गया बयान विभाजनकारी और देश के लिए हानिकारक है। यह एक असंवेदनशील और निंदनीय बयान है।”
भाजपा के एक अन्य राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) के शासन में पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति चरमरा गई है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में विस्फोट, ग्रेनेड हमले, ‘गैंगवॉर’ और हत्या की घटनाएं बढ़ गई हैं।
पूनावाला ने आरोप लगाया कि ‘आप’ सरकार “माफिया और कट्टरपंथी तत्वों के साथ मिलीभगत” कर रही है। उन्होंने ‘आप’ सरकार पर पार्टी नेताओं को “वीवीआईपी सुरक्षा” प्रदान करने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल करने और जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के बजाय “प्रतिशोध की राजनीति” में लिप्त होने का भी आरोप लगाया।
पूनावाला ने ‘आप’ को पंजाब के लिए “अभिशाप” करार देते हुए कहा कि पार्टी के शासन में राज्य की वित्तीय, सामाजिक, कृषि और सुरक्षा स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
उन्होंने ‘आप’ पर पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल की “प्रतिशोध की राजनीति” को आगे बढ़ाने के लिए पंजाब पुलिस का दुरुपयोग करने का भी आरोप लगाया।
इससे पहले, मान ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में भाजपा पर पंजाब में नफरत फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि “बंगाल फॉर्मूला” पंजाब में काम नहीं करेगा।
मान ने लिखा, “पंजाब की धरती पर नफरत के बीज बोने वाले कभी सफल नहीं होंगे। भाजपा को अपनी घृणित पैंतरेबाजी और डर की राजनीति से बचना चाहिए।”
उन्होंने कहा, “पंजाब गुरुओं और पीरों की भूमि है; बंगाल का फॉर्मूला यहां काम नहीं करेगा। पंजाबी लोग अपनी शांति और सद्भाव की रक्षा करना बखूबी जानते हैं।”
भाषा पारुल नरेश
नरेश