जैसलमेर के निजी महाविद्यालय में सामूहिक नकल का मामला सामने आया, 93 उत्तर पुस्तिकाएं सील

जैसलमेर के निजी महाविद्यालय में सामूहिक नकल का मामला सामने आया, 93 उत्तर पुस्तिकाएं सील

जैसलमेर के निजी महाविद्यालय में सामूहिक नकल का मामला सामने आया, 93 उत्तर पुस्तिकाएं सील
Modified Date: July 22, 2026 / 07:17 pm IST
Published Date: July 22, 2026 7:17 pm IST

जैसलमेर, 22 जुलाई (भाषा) राजस्थान के जैसलमेर जिले के एक निजी कॉलेज में विश्वविद्यालय की परीक्षा के दौरान सामूहिक रूप से नकल किए जाने का मामला सामने आया है।

अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि निरीक्षण के दौरान कक्ष निरीक्षकों को परीक्षा कक्ष में छात्रों को उत्तर बताते हुए देखा गया।

उन्होंने बताया कि जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के उड़नदस्ता दल ने सुबह सात बजे से दस बजे तक आयोजित हिंदी साहित्य पाठ्यक्रम की स्नातक द्वितीय वर्ष परीक्षा के दौरान काजोई गांव स्थित श्री करणी कॉलेज में औचक निरीक्षण किया।

जांच से जुड़े एक अधिकारी ने कहा, ‘निरीक्षण के दौरान कक्ष निरीक्षकों को परीक्षा कक्ष में छात्रों को उत्तर बताते हुए देखा गया।’

निरीक्षण के बाद उड़नदस्ता दल ने 93 उत्तर पुस्तिकाएं सील कर दीं और सामूहिक नकल का मामला दर्ज किया।

अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में कई उत्तर पुस्तिकाओं में लगभग एक जैसे उत्तर दिखे, जिससे सुनियोजित तरीके से नकल कराने की आशंका जताई गई है।

विश्वविद्यालय ने परीक्षा केंद्र के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की है।

एक अधिकारी ने बताया, ‘फुटेज से संकेत मिले हैं कि परीक्षार्थियों को उत्तर बताए जा रहे थे। मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।’

उड़नदस्ता दल में प्रो. अमन सिंह, डॉ. सुरेश चौधरी, डॉ. ललित झाला और डॉ. गौरव जैन शामिल थे।

एसबीके कॉलेज, जैसलमेर के प्राचार्य श्यामसुंदर मीणा ने कहा कि शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में इस तरह अनुचित लाभ पहुंचाना गलत है।

उन्होंने कहा कि परीक्षार्थी कड़ी मेहनत और तैयारी के बाद परीक्षा देते हैं तथा इस तरह की घटनाएं मेहनती छात्रों के हितों के खिलाफ हैं।

उड़नदस्ता दल ने जैसलमेर जिले के ऊंडू, फतेहगढ़ और रामगढ़ समेत बाड़मेर जिले के शिव क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों का भी निरीक्षण किया, जहां नकल का एक अन्य मामला सामने आया।

विश्वविद्यालय अधिकारियों ने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पवन कुमार शर्मा ने कहा, ‘परीक्षाओं में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।’

भाषा बाकोलिया जोहेब

जोहेब


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