भारत में मातृ मृत्यु दर में 1990-2023 के दौरान करीब 80 प्रतिशत की गिरावट : वैश्विक विश्लेषण

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भारत में मातृ मृत्यु दर में 1990-2023 के दौरान करीब 80 प्रतिशत की गिरावट : वैश्विक विश्लेषण

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  • Publish Date - March 28, 2026 / 05:17 PM IST,
    Updated On - March 28, 2026 / 05:17 PM IST

नयी दिल्ली, 28 मार्च (भाषा) भारत में मातृ मृत्यु दर 1990 के मुकाबले 2023 में लगभग 80 प्रतिशत कम हो गई। इस दौरान यह दर प्रति एक लाख जीवित जन्मों पर 508 से घटकर 116 हो गई। एक नयी रिपोर्ट में यह बात सामने आई है।

‘द लांसेट ऑब्स्टेट्रिक्स, गायनेकोलॉजी एंड वीमेन्स हेल्थ जर्नल’ में प्रकाशित एक नयी वैश्विक विश्लेषण रिपोर्ट के अनुसार भारत में वर्ष 2023 में कुल 24,700 मातृ मृत्यु के मामले दर्ज किए गए, जिससे मातृ मृत्यु अनुपात प्रति एक लाख जीवित जन्मों पर 116 रहा।

अनुमानों के अनुसार, इसी वर्ष पाकिस्तान में कुल 10,300 मातृ मृत्यु के मामले सामने आए, जबकि अफ्रीकी देशों इथियोपिया और नाइजीरिया में क्रमशः 11,900 और 32,900 मातृ मृत्यु दर्ज की गईं।

वॉशिंगटन विश्वविद्यालय के ‘इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मैट्रिक्स एंड इवैल्युएशन’ (आईएचएमई) के शोधकर्ताओं और वैश्विक सहयोगियों के नेतृत्व में किए गए अध्ययन में कहा गया है कि पिछले तीन दशकों में मातृ मृत्यु में कमी आई है, लेकिन हाल के वर्षों में प्रगति की रफ्तार धीमी पड़ी है और यह विभिन्न देशों में असमान बनी हुई है।

उन्होंने बताया कि ‘ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज’ (जीबीडी) अध्ययन 2023 तक 204 देशों और क्षेत्रों में मातृ मृत्यु दर के रुझानों का सबसे अद्यतन वैश्विक आकलन प्रस्तुत करता है।

नवीनतम नमूना पंजीकरण प्रणाली (एसआरएस) 2021-23 के अनुसार, देश में मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) प्रति लाख जीवित जन्मों पर 88 है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक सूत्र ने बताया कि यह आंकड़ा सुरक्षित गर्भावस्था और प्रसव सुनिश्चित करने की दिशा में हुई प्रगति को दर्शाता है।

सूत्र ने कहा, ‘‘मातृ स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमारी प्रगति को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिली है और संयुक्त राष्ट्र मातृ मृत्यु अनुमान अंतर-एजेंसी समूह (यूएन-एमएमईआईजी) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने 1990 के बाद से एमएमआर में 86 प्रतिशत की कमी हासिल की है, जो वैश्विक औसत 48 प्रतिशत से कहीं अधिक है। यह उपलब्धि 2030 तक एमएमआर को 70 से नीचे लाने के सतत विकास लक्ष्यों के मानक को पूरा करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।’’

शोधकर्ताओं के अनुसार, 2023 में पूरी दुनिया में कुल 2.4 लाख मातृ मृत्यु हुई, जिसका मतलब है कि हर एक लाख जीवित जन्मों पर 190.5 माताओं की मौत हुई। यह 1990 में प्रति एक लाख जन्मों पर 321 मातृ मृत्यु से एक तिहाई से ज्यादा कम है।

हालांकि, शोधकर्ताओं ने कहा कि 204 देशों और क्षेत्रों में से 104 अभी तक प्रति एक लाख जीवित जन्मों पर 70 से कम मातृ मृत्यु दर के सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) को पूरा नहीं कर पाए हैं।

भाषा आशीष दिलीप

दिलीप