एमसीडी ने अधिकारियों को जन विश्वास अधिनियम के तहत नागरिक दंड लगाने का अधिकार दिया

एमसीडी ने अधिकारियों को जन विश्वास अधिनियम के तहत नागरिक दंड लगाने का अधिकार दिया

एमसीडी ने अधिकारियों को जन विश्वास अधिनियम के तहत नागरिक दंड लगाने का अधिकार दिया
Modified Date: May 19, 2026 / 03:30 pm IST
Published Date: May 19, 2026 3:30 pm IST

नयी दिल्ली, 19 मई (भाषा) दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 में संशोधन के बाद जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत नागरिक दंड लगाने के लिए अधिनिर्णायक एवं अपीलीय प्राधिकरणों के रूप में कार्य करने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को अधिकृत किया है।

गृह मंत्रालय द्वारा 15 मई को अधिसूचित जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) अधिनियम 2026, निर्दिष्ट उल्लंघनों के लिए आपराधिक कार्रवाई के स्थान पर जुर्माने का प्रावधान करने के लिए डीएमसी अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों में संशोधन करता है।

शनिवार को जारी और एमसीडी आयुक्त संजीव खीरवार द्वारा हस्ताक्षरित एक कार्यालय आदेश में कहा गया है कि यह कदम डीएमसी अधिनियम, 1957 की धारा 468ए और धारा 468बी के तहत उठाया गया है, जिसे जन विश्वास अधिनियम द्वारा संशोधित किया गया है।

इस अधिनियम के तहत छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से हटाकर आपराधिक दंडों के स्थान पर जुर्माना लगाया जाएगा।

इस आदेश के अनुसार, विज्ञापन, कारखाना लाइसेंसिंग, लाइसेंसिंग, पशु चिकित्सा सेवाएं, भवन एवं इंजीनियरिंग, डीईएमएस और स्वास्थ्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को शहर के 12 जोन में उनके संबंधित अधिकार क्षेत्र के लिए निर्णायक अधिकारी नियुक्त किया गया है।

इसमें कहा गया है कि उनके द्वारा पारित आदेशों के विरुद्ध अपीलों की सुनवाई के लिए उपायुक्तों और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को अपीलीय प्राधिकारी नियुक्त किया गया है।

एमसीडी ने कहा कि अधिकारियों के पास जांच करने, व्यक्तियों को तलब करने, उपस्थिति अनिवार्य करने और दंड लगाने से पहले साक्ष्यों की जांच करने की शक्तियां होंगी। ऐसे आदेशों के विरुद्ध अपील 30 दिनों के भीतर दायर की जा सकती है और अपीलीय प्राधिकारियों को 60 दिनों के भीतर उनका निपटारा करना होगा।

नगर निगम ने कहा कि यह बदलाव मामूली नगरपालिका उल्लंघनों के लिए आपराधिक अभियोजन से नागरिक न्यायनिर्णय तंत्र में बदलाव करके प्रवर्तन को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से किया गया है।

भाषा

राखी रंजन

रंजन

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