नयी दिल्ली, चार अप्रैल (भाषा) दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के विद्यालयों के शिक्षकों को “अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण” प्रदान करने की आवश्यकता है ताकि वे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर सकें।
दिल्ली की महापौर शैली ओबेरॉय और शिक्षा निदेशालय (डीओई), एमसीडी तथा एससीईआरटी के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते हुए आतिशी ने एमसीडी के विद्यालयों के शिक्षकों के अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण के लिए एक रोडमैप तैयार करने की आवश्यकता व्यक्त की।
आतिशी ने कहा, “दिल्ली में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए डीओई और एमसीडी एकीकृत तरीके से काम करेंगे। दिल्ली सरकार के शिक्षकों के वैश्विक प्रशिक्षण ने दिल्ली की शिक्षा क्रांति में अहम भूमिका निभाई और अब एमसीडी के विद्यालयों के शिक्षकों के अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण का भी रोडमैप तैयार करने की जरूरत है।”
उन्होंने कहा, “इस प्रशिक्षण की मदद से हमारे एमसीडी के विद्यालयों के शिक्षक अपने विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में सक्षम होंगे।”
मंत्री ने राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् (एससीईआरटी) के अधिकारियों को डीओई के साथ-साथ दिल्ली नगर निगम के विद्यालयों के शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए एक संयुक्त कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया।
उन्होंने अधिकारियों को दोनों एजेंसियों के तहत आने वाले विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का संयुक्त उन्मुखीकरण कराने का भी निर्देश दिया।
आतिशी ने कहा, “यह दोनों के लिए एक-दूसरे की सर्वोत्तम प्रथाओं से सीखने का एक उत्कृष्ट अवसर पैदा करेगा। यह प्रशिक्षण न केवल दोनों विभागों के शिक्षकों के पेशेवर विकास में मदद करेगा बल्कि शिक्षकों को उन चुनौतियों को समझने का अवसर भी होगा जिनका वे एक साथ सामना करते हैं।”
आतिशी ने बैठक के दौरान डीओई, एमसीडी और एससीईआरटी को सामग्री और पाठ्यक्रम विकास, मूल्यांकन और शिक्षक प्रशिक्षण पर काम करने के लिए एक ‘संयुक्त कार्रवाई समूह’ बनाने का भी निर्देश दिया।
ओबेरॉय ने कहा, “इन बदलावों से प्रेरणा लेकर हम एमसीडी के विद्यालयों को बेहतरीन विद्यालयों में तब्दील करेंगे और हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की दिशा में काम करेंगे।”
उन्होंने कहा, “एमसीडी और दिल्ली सरकार के विद्यालयों के एक साथ काम करने के फैसले से दिल्ली के लाखों बच्चों को फायदा होगा।”
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