चिकित्सा क्षेत्र सरकार की शीर्ष प्राथमिकता, धन की कमी नहीं आएगी: गहलोत

चिकित्सा क्षेत्र सरकार की शीर्ष प्राथमिकता, धन की कमी नहीं आएगी: गहलोत

चिकित्सा क्षेत्र सरकार की शीर्ष प्राथमिकता, धन की कमी नहीं आएगी: गहलोत
Modified Date: November 29, 2022 / 07:45 pm IST
Published Date: October 22, 2022 3:44 pm IST

जयपुर, 22 अक्टूबर (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चिकित्सा क्षेत्र को राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता बताते हुए कहा कि इसके लिए धन की कमी नहीं आने दी जाएग । इसके साथ ही उन्होंने चिकित्सकों से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल करने की प्रवृत्ति से बचने की अपील की।

गहलोत ने शनिवार को यहां सरकारी एसएमएस अस्पताल में चिकित्सकों के साथ संवाद किया। इसके बाद संवाददाताओं से बातचीत में गहलोत ने कहा, ‘चिकित्सा मेरी शीर्ष प्राथमिकता में है …. कोई धन की कमी नहीं आएगी, पर एक मेरी मांग है डॉक्टरों से कि वे कम से कम हड़ताल नहीं करेंगे।’

उन्होंने कहा, ‘ एक ही बात मैंने कही है डॉक्टर को कि कृपा करके एक वादा मुझसे आप कर लो कि आप हड़ताल नहीं करेंगे। आप काली पट्टी बांध लीजिए, अगर आपको नाराजगी है, मांगें हैं सरकार से तो काली पट्टी बांध लीजिए।’

गहलोत ने कहा, ‘‘चिकित्सक का और हड़ताल का तो रिश्ता होना ही नहीं चाहिए क्योंकि चिकित्सक तो भगवान का रूप माने जाते हैं, ये जान बचाते हैं हमारी, उनका रिश्ता कैसे हो सकता है हड़ताल से? हड़ताल होती है तो अंदर मरीज बेचारा तड़पता है, कई लोगों के ऑपरेशन रुक जाते हैं।’’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘तो मैंने कहा है कि कम से कम मैं ये एक मांग कर रहा हूं, बाकी मांगें, आपकी सब मांगें मैं मंजूर करूंगा, जो आप मांगोगे आगे भी, खाली जयपुर ही नहीं कह रहा हूं, राजस्थान भर के मेडिकल कॉलेज-अस्पताल जो मांग करेंगे सरकार से, चिकित्सा मेरी शीर्ष प्राथमिकता में है, कोई धन की कमी नहीं आएगी, पर एक मेरी मांग है चिकित्सकों से कि वो कम से कम स्ट्राइक (हड़ताल) नहीं करेंगे।’

इसके साथ ही गहलोत ने निजी अस्पताल वालों से भी संवेदनशीलता दिखाने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी अस्पताल वालों से मेरी मांग है कि उनको भी चाहिए कि वो संवेदनशीलता दिखाएं, ये शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं जो हैं, ये वाणिज्यिक काम नहीं हैं, संविधान की मूल भावना के अनुरूप शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाएं जो हैं, वो पैसा कमाने का धंधा नहीं हो सकती हैं।

भाषा पृथ्वी रंजन

रंजन


लेखक के बारे में