चिकित्सा जगत ने स्वास्थ्य क्षेत्र के बजट आवंटन में वृद्धि पर प्रसन्नता जताई

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चिकित्सा जगत ने स्वास्थ्य क्षेत्र के बजट आवंटन में वृद्धि पर प्रसन्नता जताई

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  • Publish Date - February 1, 2021 / 11:21 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:03 PM IST

नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) चिकित्सा जगत ने स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए सरकार द्वारा बजट आवंटन में बढ़ोतरी का स्वागत किया और कहा कि यह कदम देश में सभी के लिए चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक गति बढ़ेगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2021-22 के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र की खातिर 2,23,846 करोड़ रुपये के बजटीय आवंटन का प्रस्ताव रखा है। मौजूदा वित्त वर्ष में यह आवंटन 94,452 करोड़ रुपये का है और अगले वित्त वर्ष के लिए इसमें 137 प्रतिशत इजाफा किया गया है।

अपोलो अस्पताल समूह के प्रमुख प्रताप सी रेड्डी ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बजट आवंटन में वृद्धि से देश में सभी के लिए चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक गति बढ़ेगी।

उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी से निपटने में भारत के प्रयास उत्कृष्ट रहे हैं।

रेड्डी के अनुसार, ‘‘अब कोविड-19 के लिए 35,000 करोड़ रुपये का आवंटन और जरूरत पड़ने पर और भी आवंटित करने की प्रतिबद्धता, हमारे गौरवपूर्ण देश को दुनिया के सामने आदर्श के तौर पर खड़ा करती है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अब हमें गैर-संक्रामक रोगों के अगले संकट की ओर देखना चाहिए जो 2030 तक 80 प्रतिशत मौतों के लिए जिम्मेदार होंगे और इनसे देश पर 3.8 हजार अरब डॉलर का बोझ पड़ेगा।’’

मनिपाल अस्पताल समूह के प्रबंध निदेशक दिलीप जोस ने कहा कि वित्त मंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र की ओर विशेष ध्यान दिया है।

उन्होंने कहा कि आवंटन बढ़ाना निश्चित रूप से देश के लिए अच्छा संकेत होगा।

एस्टर डीएम हेल्थकेयर के संस्थापक अध्यक्ष आजाद मूपेन ने भी कहा कि आज के भारत के सामने मौजूद अहम मुद्दों की ओर ध्यान देते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र में आवंटन किया गया है।

पीडी हिंदूजा अस्पताल के सीईओ गौतम खन्ना ने कहा कि दुनिया के सामने सबसे चुनौतीपूर्ण समय के बाद इस बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने से उम्मीद की रोशनी बढ़ी है।

मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर की प्रबंध निदेशक अमीरा शाह ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र पर एक समग्र दृष्टिकोण देखकर खुशी हो रही है।

भाषा

वैभव अविनाश

अविनाश