शिलांग, 26 जून (भाषा) मेघालय सरकार ने शुक्रवार को अपने 295 करोड़ रुपये के जैविक खेती मिशन का दूसरा चरण शुरू किया और ग्राम सहकारी समितियों के बीच 5.8 करोड़ रुपये की मदद का वितरण किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने में महिलाओं की अहम भूमिका पर जोर दिया।
शिलांग में महिला किसानों और टिकाऊ जैविक खेती पर आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए संगमा ने कहा कि राज्य की विकास रणनीति में हमेशा किसानों, महिलाओं और युवाओं को केंद्र में रखा गया है, साथ ही पारंपरिक खेती के तरीकों को संरक्षित करने के महत्व पर भी जोर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हम जो भी कदम उठाएं, हमें अपने किसानों, महिलाओं, युवाओं और अन्य हितधारकों को ध्यान में रखना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि मेघालय की मातृवंशीय व्यवस्था महिलाओं को मालिकाना हक का एक खास अहसास कराती है, जिससे टिकाऊ खेती को मजबूती मिलती है।
उन्होंने कहा, ‘‘जब आप खेती, सतत विकास और जैविक खेती को हमारी मातृवंशीय व्यवस्था से जोड़ते हैं, तो वास्तव में आप बहुत जादुई बात सामने लाते हैं।’’
राज्य सरकार ने मेघालय राज्य जैविक मिशन (एमएसओएम) 2024-2028 के दूसरे चरण की शुरुआत भी की।
अधिकारियों ने बताया कि पहले चरण में 28,742 हेक्टेयर भूमि को योजना के दायरे में लाने के बाद, दूसरे चरण में लगभग 46,000 लघु एवं सीमांत किसानों की 44,000 हेक्टेयर अतिरिक्त जमीन को जैविक खेती के तहत लाया जाएगा।
भाषा
शुभम संतोष
संतोष