जमात-ए-इस्लामी के पूर्व प्रमुख की मौत पर शोक व्यक्त करने वालों को निशाना बनाना बंद हो : महबूबा

जमात-ए-इस्लामी के पूर्व प्रमुख की मौत पर शोक व्यक्त करने वालों को निशाना बनाना बंद हो : महबूबा

जमात-ए-इस्लामी के पूर्व प्रमुख की मौत पर शोक व्यक्त करने वालों को निशाना बनाना बंद हो : महबूबा
Modified Date: May 19, 2026 / 04:47 pm IST
Published Date: May 19, 2026 4:47 pm IST

श्रीनगर, 19 मई (भाषा) पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर प्रशासन से जमात-ए-इस्लामी के पूर्व प्रमुख शेख गुलाम हसन की अंत्येष्टि में अपनी भावनाएं व्यक्त करने वाले लोगों के खिलाफ “बदले की भावना” से की जा रही कार्रवाई रोकने का आह्वान किया।

महबूबा ने कुलगाम में संवाददाताओं को बताया, “जमात प्रमुख होने के साथ-साथ एक इस्लामी विद्वान शेख गुलाम हसन की अंत्येष्टि में लोगों ने भावुक होकर शोक और संवेदना व्यक्त की। उनकी बातें हमें शायद पसंद न आएं, लेकिन वे राष्ट्रविरोधी नहीं थीं।”

पूर्व मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए कुलगाम के तारिगाम में हसन के परिवार से मुलाकात की।

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि संवेदनाएं व्यक्त करने मात्र से शोक मनाने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी गई है। (मैं) उमर अब्दुल्ला और मनोज सिन्हा से इस तरह की बदले की भावना से की जा रही कार्रवाई को रोकने का अनुरोध करती हूं।”

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख ने उन सैन्यकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की, जिन्होंने कथित तौर पर एक युवक को उस घर में धकेल दिया था जहां एक जंगली भालू फंसा हुआ था।

उन्होंने कहा, “भालू के हमले के बाद वह युवक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। हम सेना का बहुत सम्मान करते हैं और राष्ट्र के प्रति उसकी सेवा को सलाम करते हैं, लेकिन इस युवक की जान को खतरे में डालने वालों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।”

भाषा प्रशांत रंजन

रंजन


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