नयी दिल्ली, 30 जुलाई (भाषा) राज्यसभा में बृहस्पतिवार को सदस्यों ने उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के बकाया, चीनी मिलों के बंद होने, पश्चिम बंगाल में अलीपुरद्वार जिले के हाशीमारा में हवाईअड्डा के लिए जमीन आवंटन और राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में पेयजल संकट सहित विभिन्न मुद्दे उठाए और सरकार से इनके शीघ्र समाधान की मांग की।
शून्यकाल में आम आदमी पार्टी के संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश के देवरिया में बैतालपुर चीनी मिल का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह मिल करीब बीस साल से बंद पड़ी है और प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, राज्य के मुख्यमंत्री ने इस मिल को खुलवाने का आश्वासन दिया, लोगों ने आंदोलन किए लेकिन यह मिल आज तक नहीं खुली।’’
सिंह ने कहा कि चीनी मिल बंद होने से वहां के लोगों को रोजगार की समस्या हो रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों का 1200 करोड़ रुपया बकाया है और वह इस राशि का इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा ‘‘किसान अपनी खेती के लिए कर्ज लेता है और उस पर ब्याज लगना शुरू हो जाता है। लेकिन जब किसान का चीनी मिलों पर बकाया होता है तो उस पर ब्याज नहीं लगता।’’
सिंह ने कहा कि 13 जुलाई 2026 को उच्च न्यायालय के एक फैसले में कहा गया है कि 1996 से गन्ना किसानों के बकाये पर उनको ब्याज दिया जाए। ‘‘इस फैसले को ध्यान में रखते हुए किसानों के बकाया का ब्याज सहित अविलंब भुगतान किया जाना चाहिए।
आम आदमी पार्टी के सदस्य ने मांग की कि उत्तर प्रदेश में बीस से अधिक सहकारी चीनी मिल बंद पड़ी हैं जिन्हें खुलवाया जाना चाहिए।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के घनश्याम तिवाड़ी ने राजस्थान के सीकर और शेखावाटी क्षेत्र में पेयजल संकट का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पश्चिमी राजस्थान के साथ-साथ शेखावाटी के कुछ हिस्सों तक इंदिरा गांधी नहर से पानी पहुंचाने की योजना बनाई गई ताकि जल संकट हल हो सके लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।
तिवाड़ी ने कहा ‘‘परियोजना के लिए डीपीआर भी बन गया। भूमि अधिग्रहण भी हो गया। लेकिन योजना अब तक विचाराधीन ही है, हकीकत में नहीं बदली। परियोजना की लागत सात हजार करोड़ रूपये से अधिक है।’’
उन्होंने कहा कि शेखावाटी के हर घर का एक व्यक्ति सेना में है। उन्होंने कहा ‘‘तमाम तथ्यों को ध्यान में रखते हुए सीकर, शेखावाटी और आसपास के गांवों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की कोशिश करना चाहिए।
तिवाड़ी ने कहा कि राजस्थान और हरियाणा के बीच हुए यमुना जल समझौते से शेखावाटी (चूरू, सीकर, झुंझुनूं) के लगभग 75 लाख लोगों को स्थाई पेयजल मिलने की उम्मीद जगी है। करीब 34,000 करोड़ की इस परियोजना में हथिनीकुंड से भूमिगत पाइपलाइन द्वारा पानी स्टोर किया जाएगा।
भाजपा के प्रकाश चिक बराइक ने कहा कि पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में हाशीमारा हवाई अड्डा परियोजना का कार्यान्वयन किया जाना है। इसके तहत अलीपुरद्वार जिले में स्थित भारतीय वायुसेना स्टेशन को एक घरेलू नागरिक हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने की एक योजना है।
बराइक ने कहा कि हाशीमारा हवाई अड्डा परियोजना आज तक आगे नहीं बढ़ सकी जबकि उसे उड़ान योजना के तहत भी चिह्नित किया गया। उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए 38 एकड़ भूमि की जरूरत है और इस साल के पश्चिम बंगाल के बजट में हाशीमारा हवाईअड्डे के लिए भूमि आवंटित करने का प्रस्ताव है।
उन्होंने कहा ‘‘लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। यह परियोजना लंबे समय से लंबित है।’’ उन्होंने इस परियोजना के कार्यान्वयन में तेजी लाने का अनुरोध किया।
भाजपा के कणाद पुरकायस्थ ने असम की बराक घाटी का मुद्दा उठाया और वहां प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत ‘लॉजिस्टिक पार्क’ स्थापित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि भौगोलिक एवं सामरिक स्थिति बराक घाटी को महत्वपूर्ण बनाती हैं।
भाजपा के गोविंदभाई लालजीभाई धोलकिया ने प्राकृतिक खेती का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि लोगों की सोच तो बदली है लेकिन किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने मांग की कि प्रमुख शहरों में प्राकृतिक कृषि उत्पादकों की उपज की बिक्री के लिए ‘प्राकृतिक कृषि मॉल’ या इस तरह की अन्य बेहतर व्यवस्था की जाए।
भाजपा की रेखा शर्मा ने भारतीय रेलवे की पैंट्री में बचे हुए भोजन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह गुणवत्तापूर्ण भोजन जरूरतमंद लोगों के काम आ सकता है।
उन्होंने कहा ‘‘रेलवे हर दिन करोड़ों यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराती हैं। मांग के आधार पर भोजन तैयार किया जाता है। मांग में बदलाव के कारण प्रति दिन काफी मात्रा में भोजन बच जाता है और बेहतर गुणवत्ता के बावजूद उसका उपयोग नहीं हो पाता।’’
रेखा ने कहा कि इस भोजन का बेहतरीन उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एक सुव्यवस्थित प्रणाली के जरिये यह भोजन जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जा सकता है और इसके लिए फूड बैंक, एनजीओ आदि की मदद ली जा सकती है।
उन्होंने मांग की कि इस संबंध में एक राष्ट्रीय स्तर पर परियोजना बनाई जानी चाहिए।
शून्यकाल में ही भाजपा के दोरजी त्सेरिंग लेप्चा, बाबूराव निषाद, संजय भाटिया, डॉ के लक्ष्मण, जोगेन मोहन, संगीता यादव, डीएमडीके सदस्य एल के सुधीश, बीआरएस के रविचंद्र वद्दीराजू, यूपीपी(एल) के प्रमोद बोरो, बीजू जनता दल के सुभाशीष खुंटिया ने भी आसन की अनुमति से लोक महत्व से जुड़े अपने-अपने मुद्दे उठाए।
भाषा
मनीषा अविनाश
अविनाश