आदिम जनजातियों के सदस्यों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर रिपोर्ट तलब

Ads

आदिम जनजातियों के सदस्यों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर रिपोर्ट तलब

  •  
  • Publish Date - September 15, 2020 / 11:04 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:06 PM IST

नयी दिल्ली, 15 सितंबर (भाषा) ओडिशा में दो आदिम जनजातियों के छह सदस्यों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद राष्ट्रीय जनजाति आयोग ने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है।

मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, अगस्त के अंत में बोंडा जनजाति के एक और दिदायी जनजाति के पांच सदस्यों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी।

आयोग ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है और ओडिशा के मुख्य सचिव तथ्यात्मक और कार्रवाई रिपोर्ट 25 सितंबर तक पेश करें।

बोंडा और दिदायी के अलावा ओडिशा में ऐसे और 11 विशेष संवेदनशील आदिवासी समूह (पीवीटीजी) हैं जिनकी आबादी घट रही है या स्थिर है, साक्षरता दर कम है और आर्थिक रूप से पिछड़े हुए हैं।

बोंडा जनजाति के लोग मल्कानगिरी जिले के पूर्वी घाट की पहाड़ियों पर 32 दूरस्थ गांवों में रहते हैं। माना जाता है कि वे करीब 60,000 साल पहले अफ्रीका से भारत आए थे।

इससे पहले आयोग ने अंडमान निकोबार में ग्रेट अंडमानीज जनजाति के 10 सदस्यों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद प्रशासन से रिपोर्ट मांगी थी।

अधिकारियों के मुताबिक, 10 में से नौ आदिवासी संक्रमण से ठीक हो गए हैं। हालांकि प्रशासन ने अभी रिपोर्ट नहीं सौंपी है।

ग्रेट अंडमानीज जनजाति के केवल 59 सदस्य जीवित हैं।

भाषा

नोमान नरेश

नरेश