नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को तो खत्म कर दिया लेकिन उसके द्वारा लाए गए नए कानून ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम’ का कहीं अता-पता नहीं है।
विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम को पिछले साल संसद से पारित किया गया था।
खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘मनरेगा पर ताला तो लगा दिया, पर अब तक विकसित भारत-ग्राम जी राम जी लागू नहीं की। पिछले 87 दिनों से बिहार के मुजफ्फरपुर में 12,000 मजदूर मनरेगा में काम न मिलने से आंदोलित हैं। इसी तरह उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और महाराष्ट्र व देश के कई राज्यों से मनरेगा मजदूरों की काम बंदी की ख़बरें आ रहीं हैं।’’
उनका कहना था, ‘‘भाजपा ने मनरेगा को ख़त्म कर करोड़ों मजदूरों के ‘‘काम के अधिकार’’ पर कुल्हाड़ी तो चला दी, और जिस योजना का इतना ढिंढ़ोरा पीटा गया, उसका कोई अता-पता नहीं है। मनरेगा को कमज़ोर करने में भाजपा ने कोई कसर नहीं छोड़ी थी।’’
उनके मुताबिक, महाराष्ट्र की एक ताज़ा कैग रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य में मनरेगा के तहत स्वीकृत कार्यों में से 53 प्रतिशत से भी कम कार्य पिछले 5 वर्षों में पूरे हुए हैं। 2.5 लाख ऐसे काम हैं जो 5 वर्षों में शुरू ही नहीं हो पाए।’’
खरगे ने दावा किया कि अब एलपीजी किल्लत और उद्योगों की बदहाली के कारण शहरों से प्रवासी मजदूर पलायन कर के अपने गांवों जाने को मजबूर हैं लेकिन गांव में उनके लिए काम ही नहीं है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री जी कोरोना काल की याद तो दिलाते हैं पर भूल गए हैं कि किस तरह से मनरेगा ने करोड़ों मजदूरों को कोरोना काल में राहत पहुंचाई थी।’’
भाषा हक
हक नरेश
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