आइजोल, 27 फरवरी (भाषा) मिजोरम सरकार ने असम के साथ अंतरराज्यीय सीमा विवाद पर अपना पुराना रुख दोहराते हुए कहा कि 1875 में जारी की गयी सीमा अधिसूचना ही दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच एकमात्र स्वीकार्य सीमा है।
मिजोरम के गृह मंत्री के सपडांगा ने विधानसभा को कहा कि राज्य के सभी राजनीतिक दलों और प्रमुख गैर-सरकारी संगठनों की सर्वसम्मति से समर्थित यह रुख 1958-1959 से अपरिवर्तित रहा है, जब राज्य असम के अधीन एक जिला परिषद था।
उन्होंने कहा कि इसके विपरीत, असम सरकार मार्च 1933 में जारी एक अधिसूचना में वर्णित लुशाई हिल्स जिले की ‘इनर लाइन’ पर अड़ी हुई है।
उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के दोनों राज्यों के बीच दशकों पुराने सीमा विवाद को सुलझाने के उद्देश्य से आयोजित उच्च स्तरीय वार्ताओं की एक श्रृंखला में मिजोरम के रुख को स्पष्ट ढंग से रखा गया है।
विपक्षी कांग्रेस सदस्य सी. न्गुनलियानचुंगा के एक प्रश्न के लिखित जवाब में सपडांगा ने कहा,‘‘चूंकि मिजोरम और असम के विचार अलग-अलग हैं, इसलिए मिजोरम सरकार ने कई कदम उठाए हैं और केंद्र सरकार से कई बार संपर्क किया है। इसके अलावा, दोनों राज्यों ने विवाद को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए कई मौकों पर बातचीत की है।’’
भाषा राजकुमार माधव
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