जम्मू कश्मीर के धार्मिक संगठन ने सूअर के मांस से बने उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री पर जताई आपत्ति

Ads

जम्मू कश्मीर के धार्मिक संगठन ने सूअर के मांस से बने उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री पर जताई आपत्ति

  •  
  • Publish Date - August 6, 2026 / 01:52 PM IST,
    Updated On - August 6, 2026 / 01:52 PM IST

श्रीनगर, छह अगस्त (भाषा) जम्मू कश्मीर के कई धार्मिक संगठनों के संयुक्त मंच मुत्ताहिदा मजलिस-ए-उलेमा (एमएमयू) ने कश्मीर घाटी में एक ‘क्विक-कॉमर्स’ प्लेटफॉर्म पर सूअर के मांस से बने उत्पादों की कथित बिक्री पर बृहस्पतिवार को कड़ी आपत्ति जताते हुए कंपनी से उन्हें तत्काल हटाने को कहा।

‘क्विक-कॉमर्स’ प्लेटफॉर्म किराना, खाद्य पदार्थों और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कम समय में आपूर्ति करते हैं।

कश्मीर के मुख्य धर्मगुरु मीरवाइज उमर फारूक के नेतृत्व वाले एमएमयू ने एक बयान में कहा कि लोगों द्वारा साझा किए गए ‘स्क्रीनशॉट’ से पता चलता है कि घाटी में संचालित एक ‘ऑनलाइन डिलीवरी’ प्लेटफॉर्म पर सूअर के मांस से बने उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।

एमएमयू ने कहा कि यह सभी जानते हैं कि इस्लाम में, सूअर के मांस की बिक्री और उसका सेवन प्रतिबंधित है तथा मुस्लिम समुदाय इस मुद्दे को लेकर अत्यंत संवेदनशील है।

संगठन ने सवाल किया, ‘सूअर के मांस से बने उत्पादों को बिक्री के लिए बाजार में लाने की अनुमति कैसे मिली?’

बयान में कहा गया, ‘अधिकारियों को इस मामले की गंभीरता से जांच करनी चाहिए और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को चेतावनी दी जानी चाहिए।’

एमएमयू ने कंपनी से इन उत्पादों को तत्काल हटाने तथा यह सुनिश्चित करने को कहा कि घाटी में न तो उनका भंडारण किया जाए, न उनका विज्ञापन जारी किया जाए और न ही उनकी बिक्री की जाए।

बयान में कहा गया, ‘इस क्षेत्र में कारोबार करने वालों को यहां की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा।’

भाषा प्रचेता सुभाष

सुभाष