आइजोल, 25 मई (भाषा) मिजोरम के प्रभावशाली छात्र संगठन ‘मिजो जिरलाई पावल’ (एमजेडपी) के सदस्यों ने सोमवार को पर्यटन कार्यालय का घेराव किया। यह घेराव अप्रैल में सेवानिवृत्त हुईं पर्यटन विभाग की निदेशक की पुनः नियुक्ति के विरोध में किया गया।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने निदेशक और अन्य कर्मचारियों को कार्यालय आने से भी रोक दिया। एमजेडपी ने शनिवार को मुख्यमंत्री लालदुहोमा पर आर. लालरोडिंगी को पर्यटन निदेशक के पद पर पुनः नियुक्त करने में स्पष्ट रूप से पक्षपात करने का आरोप लगाया था, जबकि मुख्यमंत्री ने लिखित रूप से आश्वासन दिया था कि सरकार उनकी पुनः नियुक्ति की समीक्षा करेगी।
सरकार द्वारा 24 अप्रैल को जारी एक आदेश के माध्यम से एक मई से पर्यटन विभाग का निदेशक और मुख्यमंत्री का विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) का दोहरा प्रभार सौंपकर लालरोडिंगी को पुनः नियुक्त किया गया था।
लालरोडिंगी 30 अप्रैल को वाणिज्य और उद्योग तथा भूविज्ञान एवं खनन विभागों में अतिरिक्त निदेशक के पद से सेवानिवृत्त हुई थीं।
हालांकि, 15 मई को सरकार ने आदेश रद्द कर दिया और निर्णय लिया कि वह केवल ओएसडी के रूप में ही अपना कार्यभार संभालेंगी, क्योंकि एमजेडपी ने 13 मई को लालदुहोमा से मुलाकात कर उनसे पर्यटन विभाग के निदेशक के रूप में उनकी पुनः नियुक्ति रद्द करने का आग्रह किया था।
नवीनतम आदेश पर निराशा व्यक्त करते हुए एमजेडपी अध्यक्ष सी. लालरेमरुआटा ने दावा किया कि जब वह 13 मई को लालरोडिंगी को पर्यटन विभाग के निदेशक के पद पर पुनः नियुक्त करने के सरकारी कदम का विरोध करने के लिए मुख्यमंत्री से मिले थे, लेकिन मुख्यमंत्री ने उन्हें झूठे आश्वासन दिए थे।
इस बीच स्वास्थ्य मंत्री लालरिनपुई (जिनके पास पहले पर्यटन मंत्रालय का प्रभार था) ने लालरोडिंगी को फिर से नियुक्त करने के सरकार के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि उनकी सेवाओं की सख्त जरूरत थी।
भाषा संतोष नरेश
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