मिजोरम: नाबालिग बेटी को देह व्यापार के लिए मजबूर करने पर महिला को 12 साल का कारावास

मिजोरम: नाबालिग बेटी को देह व्यापार के लिए मजबूर करने पर महिला को 12 साल का कारावास

मिजोरम: नाबालिग बेटी को देह व्यापार के लिए मजबूर करने पर महिला को 12 साल का कारावास
Modified Date: August 6, 2026 / 09:07 pm IST
Published Date: August 6, 2026 9:07 pm IST

आइजोल, छह अगस्त (भाषा) मिजोरम के कोलासिब जिले की एक त्वरित अदालत ने नाबालिग बेटी को रुपये और शराब के बदले बार-बार देह व्यापार के लिए मजबूर करने की दोषी पाई गई 42 वर्षीय महिला को बृहस्पतिवार को 12 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।

त्वरित अदालत के न्यायाधीश आर. वानलालेना ने जनवरी 2023 से जुलाई 2024 के बीच महिला द्वारा अपनी बेटी का लगातार यौन शोषण कराए जाने का दोषी पाए जाने के बाद उसे सजा सुनाई।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, महिला अपनी नाबालिग बेटी को 500 रुपये और शराब के बदले गैर-स्थानीय ट्रक चालकों तथा रेलवे निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों के पास भेजती थी।

पीड़िता की नानी की ओर से पांच अगस्त 2024 को काउनपुई थाने में शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने महिला को गिरफ्तार किया था। मामले में कथित रूप से शामिल 80 वर्षीय एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया था।

सुनवाई के दौरान अदालत ने पीड़िता सहित सात गवाहों के बयान दर्ज किए। गवाहों के बयान, चिकित्सकीय साक्ष्य और जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने महिला को दोषी ठहराया।

अदालत ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 96 के तहत पांच वर्ष, धारा 98 के तहत पांच वर्ष तथा नाबालिग को शराब पिलाने के लिए किशोर न्याय अधिनियम के तहत दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने सभी सजाएं क्रमवार चलाने का आदेश दिया, जिससे कुल सजा 12 वर्ष हो गई।

महिला पर 15,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर उसे छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

सह-आरोपी 80 वर्षीय व्यक्ति की इस वर्ष तीन फरवरी को मुकदमे के दौरान मृत्यु हो जाने के कारण उसके खिलाफ कार्यवाही समाप्त कर दी गई थी।

भाषा

राखी नेत्रपाल

नेत्रपाल


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