नयी दिल्ली, 19 अगस्त (भाषा) युवा पीढ़ी ‘जेन-जी’ तक अपनी पहुंच और पैठ बढ़ाने के एक बड़े प्रयास के तहत, नरेन्द्र मोदी सरकार प्रतिदिन एक केंद्रीय मंत्री को एक विश्वविद्यालय भेजने की योजना बना रही है। इस पहल का उद्देश्य युवाओं से सीधे संवाद करना, उनकी चिंताओं पर चर्चा करना और देश के समक्ष मौजूद विभिन्न मुद्दों पर उनके दृष्टिकोण को बेहतर ढंग से समझना है। सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
यह पहल दिल्ली के जंतर-मंतर सहित देश के अन्य हिस्सों में नीट पर्चा लीक मामले को लेकर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में सामने आई है।
सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि ‘एक दिन, एक विश्वविद्यालय’ कार्यक्रम के तहत एक केंद्रीय मंत्री को एक विश्वविद्यालय का दौरा करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। मंत्री वहां छात्रों से बातचीत करेंगे, विभिन्न विषयों पर उनके विचार जानेंगे और खासतौर पर युवाओं तथा छात्रों के लिए चलाई जा रही सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देंगे।
सूत्रों के अनुसार, शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी और युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया को विश्वविद्यालयों और मंत्रियों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि इन दौरों को सुचारू रूप से आयोजित किया जा सके।
सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में भी इस प्रस्तावित पहल पर चर्चा हुई।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अनुसार, देश में करीब 1,300 विश्वविद्यालय हैं। इनमें 57 केंद्रीय विश्वविद्यालय और 522 राज्य विश्वविद्यालय शामिल हैं, जबकि अन्य विश्वविद्यालय डीम्ड या निजी श्रेणी के हैं।
भाषा शफीक पवनेश
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