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Vande Bharat IBC24 News: नई दिल्ली: भारत और अमेरिका ने शुक्रवार को एक अंतरिम व्यापार समझौते का फ्रेमवर्क घोषित किया। इस घोषणा के साथ अमेरिकी ट्रेड ऑफिस (USTR) ने इंडियन मैप शेयर किया। इस मैप में पूरा जम्मू-कश्मीर क्षेत्र, जिसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और अक्साई चिन (चीन के कब्जे वाला इलाका) हैं, उन्हें भारत का हिस्सा दिखाया गया है।
चलिए आपको दोनों विवाद समझाते हैं। सबसे पहले अक्साई चिन जो कि लगभग 38,000 वर्ग किमी का ऊंचाई वाला, ठंडा और लगभग निर्जन इलाका है। इस पर भारत और चीन। दोनों दावा करते हैं, और यही भारत-चीन सीमा विवाद का सबसे संवेदनशील हिस्सा है।
Vande Bharat IBC24 News: इस विवाद की जड़ में हैं अंग्रेज और अंग्रेजी हुकूमत जिन्होंने ब्रिटिश काल में अस्पष्ट सीमाए दर्शाईं। 19वीं–20वीं सदी में बनी रेखाएं (जैसे जॉनसन लाइन, मैकार्टनी-मैकडोनाल्ड लाइन) अलग-अलग थीं। साफ है, आपसी सहमति वाली सीमा कभी तय नहीं हुई।
चीन ने 1950 के दशक में शिनजियांग-तिब्बत सड़क (G219) अक्साई चिन से होकर बनाई जो की चीन के लिए बेहद खास है।
कुछ ऐतिहासिक घटनाएं और तरीख हैं जिन्होंने इस विवाद को गंभीर और गहरा बना दिया- जैसे 1950 में चीन का तिब्बत में नियंत्रण बनाने सड़क निर्माण करना। 1962 में भारत-चीन युद्ध- जिसके बाद चीन ने अक्साई चिन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर लिया। 1962 के बाद से ये अब तक बड़ा सीमा विवाद है जिसे अब तक सुलझाया नहीं जा सका। युद्ध के बाद से कोई मान्य औपचारिक सीमा नहीं बल्कि सिर्फ LAC (Line of Actual Control) है।
Vande Bharat IBC24 News: भारत अक्साई चिन को लद्दाख (जम्मू-कश्मीर/लद्दाख UT) का हिस्सा मानता है जबकि चीन इसे शिनजियांग/तिब्बत से जुड़ा अपना क्षेत्र बताता है और नियंत्रण में रखता है।
यह क्षेत्र चीन के प्रशासनिक नियंत्रण में है। LAC पर समय-समय पर तनाव और गतिरोध होते रहते हैं। समाधान के लिए कूटनीतिक व सैन्य वार्ताएं चलती रहती हैं, पर अंतिम सीमा तय नहीं।