उत्तराखंड के अधिकांश इलाकों में मानसूनी बारिश, देहरादून और बागेश्वर में ‘ऑरेंज अलर्ट’

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उत्तराखंड के अधिकांश इलाकों में मानसूनी बारिश, देहरादून और बागेश्वर में 'ऑरेंज अलर्ट'

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  • Publish Date - July 1, 2026 / 03:33 PM IST,
    Updated On - July 1, 2026 / 03:33 PM IST

देहरादून, एक जुलाई (भाषा) उत्तराखंड में मानसून के दस्तक देने के साथ ही अधिकांश इलाकों में बारिश हुई जबकि मौसम विभाग ने देहरादून और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान व्यक्त करते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।

प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मंगलवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून पहुंच गया है और झमाझम बारिश ने लोगों को लंबे समय से जारी उमस भरी गर्मी से राहत दिलाई है।

मौसम विभाग ने अगले एक-दो दिन में मानसून के राज्य के शेष भागों में भी पहुंचने की उम्मीद जताई है।

मौसम केंद्र के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में दंगोली में 98 मिलीमीटर (मिमी), कौसानी में 80 मिमी, पिथौरागढ़ में 68.3 मिमी, देहरादून में 62, बनबसा और चंपावत में 61-61 मिमी, गरूड़ में 60, कालसी में 50.5, जागेश्वर में 48.5 तथा बागेश्वर में 26.5 मिमी बारिश दर्ज की गई।

गढ़वाल क्षेत्र में अगले एक-दो दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। देहरादून में बुधवार को न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य है।

मौसम केंद्र ने देहरादून एवं बागेश्वर जिलों में बुधवार को कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है जबकि दो जुलाई को दिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, उधमसिंह नगर, पिथौरागढ़ एवं हरिद्वार मे कहीं-कहीं भारी बारिश के पूर्वानुमान के साथ ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।

पूर्वानुमान को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने संबंधित जिलाधिकारियों को आवश्यक सतर्कता एवं एहतियाती उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं ।

अधिकारियों के अनुसार, इन निर्देशों में संवेदनशील क्षेत्रों की सतत निगरानी, राहत और बचाव दलों को हाई अलर्ट पर रखना तथा किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई करना शामिल है।

उन्होंने कहा कि सभी विभागीय अधिकारियों, आपदा प्रबंधन से जुड़े नोडल अधिकारियों एवं भारतीय सुदूर संवेदन उपग्रह (आईआरएस) प्रणाली के अधिकारियों को लगातार सक्रिय रहने और मोबाइल फोन चालू रखने को कहा गया है।

इसके अलावा, जिलाधिकारियों को पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रेकिंग गतिविधियों पर मौसम की स्थिति के अनुसार आवश्यक प्रतिबंध लगाने, विद्यालयों में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया है।

प्रदेश के आपदा प्रबंधन और पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों तथा यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से मौसम विभाग एवं प्रशासन द्वारा जारी परामर्श का पालन करने , अनावश्यक यात्रा से बचने तथा आपातस्थिति में स्थानीय प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने की अपील भी की है।

इस बीच, मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए बुधवार को बागेश्वर जिले में कक्षा एक से 12 तक के सभी स्कूल बंद रखे गए।

भाषा दीप्ति जोहेब

जोहेब

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