वीबी-जीराम-जी लागू होने के एक महीने के भीतर 9.69 करोड़ से ज्यादा ‘श्रम दिवस’ सृजित किये गए: चौहान
वीबी-जीराम-जी लागू होने के एक महीने के भीतर 9.69 करोड़ से ज्यादा ‘श्रम दिवस’ सृजित किये गए: चौहान
नयी दिल्ली, 11 अगस्त (भाषा) केंद्र सरकार ने मंगलवार को लोकसभा को बताया कि मनरेगा की जगह लागू किए गए ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन की गारंटी’ (वीबी-जीराम-जी) अधिनियम के लागू होने के एक महीने के भीतर ही 9.69 करोड़ से अधिक ‘श्रम दिवस’ (काम के दिन) सृजित किए गए हैं।
ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि वीबी-जीराम-जी अधिनियम, 2025 को लागू कर दिया गया है और वीबी-जीराम-जी योजना को 1 जुलाई 2026 से पूरे देश के ग्रामीण इलाकों में शुरू कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि इसी तारीख से ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005’ (मनरेगा) निष्प्रभावी हो गया है।
चौहान ने कहा कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने इस योजना को अधिसूचित कर दिया है और वीबी-जीराम-जी कानून के प्रावधानों के अनुसार इच्छुक परिवारों को रोजगार देकर इसके तहत काम शुरू कर दिया है।
जवाब में कहा गया, ‘‘मनरेगा से वीबी-जीराम-जी में परिवर्तन सुगम, निर्बाध और मजदूर-केंद्रित रहा है। वीबी-जीराम-जी अधिनियम लागू होने के लगभग एक महीने के भीतर ही 9.69 करोड़ से ज्यादा श्रमिक दिवस पैदा किए गए हैं।’’
वीबी-जीराम-जी के तहत हर उस ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिन के वैतनिक रोजगार की कानूनी गारंटी दी जाती है, जबकि मनरेगा के तहत 100 दिन के वेतन वाले रोजगार की गारंटी थी।
भाषा वैभव सुभाष
सुभाष

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