छात्रों की अधिकतर मांगें मान ली गयीं, अफसोस वे आंदोलन खत्म करने को नहीं हैं तैयार:समिति

छात्रों की अधिकतर मांगें मान ली गयीं, अफसोस वे आंदोलन खत्म करने को नहीं हैं तैयार:समिति

छात्रों की अधिकतर मांगें मान ली गयीं, अफसोस वे आंदोलन खत्म करने को नहीं हैं तैयार:समिति
Modified Date: August 9, 2026 / 09:44 pm IST
Published Date: August 9, 2026 9:44 pm IST

रांची, नौ अगस्त (भाषा) छह दौर की बातचीत के बावजूद प्रदर्शनरत विद्यार्थियों को अपना विरोध वापस लेने के लिए मनाने में नाकाम रहने पर झारखंड सरकार की एक समिति ने रविवार को कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि प्रशासन उनकी ज़्यादातर मांगों को मानने के लिए तैयार हो गया है।

विद्यार्थियों ने ऐलान किया था कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग पूरी होने तक वे आंदोलन वापस नहीं लेंगे। इस ऐलान के बाद विद्यार्थियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ दो घंटे तक बैठक हुई। इस बैठक के बाद समिति मीडिया से बात कर रही थी।

इस सरकारी समिति में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव और कल्याण मंत्री चमरा लिंडा शामिल हैं।

कुमार ने कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विद्यार्थी आंदोलन वापस लेने को तैयार नहीं हैं, जबकि हमने उनकी ज़्यादातर मांगें मान ली हैं। परीक्षा में गड़बड़ी में शामिल किसी भी दोषी को बचाने का कोई इरादा नहीं है। हम हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं। हम विद्यार्थियों और उनके माता-पिता से अपील करते हैं कि वे आंदोलन छोड़ें और समस्या के समाधान के लिए बातचीत का रास्ता अपनाएं।’’

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विद्यार्थियों से परीक्षा में सुधार के लिए सुझाव मांगने के लिए एक पोर्टल भी शुरू किया है और वह नौकरी के लिए परीक्षाएं पारदर्शिता के साथ आयोजित करने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करेगी।

समिति ने कहा कि 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा तक प्रदर्शनकारियों के मार्च को देखते हुए सुरक्षा के सभी इंतजाम कर लिए गए हैं और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी विद्यार्थी को परेशान न किया जाए।

रविवार को भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ़ विरोध कर रहे विद्यार्थी सीबीआई जांच की अपनी मांग पर अड़े रहे, जबकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया था।

इससे पहले, सरकार और विद्यार्थियों के बीच बातचीत का एक और दौर बिना किसी नतीजे के खत्म हो गया। हालांकि अधिकारियों का दावा था कि उन्होंने विद्यार्थियों की 98 प्रतिशत मांगें मान ली हैं, सिवाय जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच संबंधी मांग के।

भाषा राजकुमार नरेश

नरेश


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