ऊना (हिमाचल प्रदेश), सात जुलाई (भाषा) ऊना जिला प्रशासन ने लगातार हो रही बारिश और मानसून के दौरान संभावित आपदा के खतरे को देखते हुए मंगलवार को एहतियातन निजी विकास एवं निर्माण कार्यों के लिए पहाड़ों की कटाई पर 30 सितंबर तक प्रतिबंध लगा दिया।
यह आदेश जिला मजिस्ट्रेट एवं ऊना जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष जतिन लाल ने जारी किया है।
यहां जारी एक बयान के अनुसार, जिले में 30 जून से मानसून सक्रिय है और लगातार हो रही भारी बारिश के कारण विभिन्न क्षेत्रों में नुकसान हुआ है। जिला प्रशासन राहत, पुनर्वास और आवश्यक सेवाओं की बहाली में जुटा हुआ है।
आदेश में कहा गया है कि मानसून के दौरान अनियंत्रित तरीके से पहाड़ों की कटाई और अनियोजित निर्माण गतिविधियों से भू-संरचना कमजोर हो सकती है। इससे भूस्खलन, इमारतों तथा अन्य बुनियादी ढांचों को नुकसान पहुंचने और जान-माल की हानि का खतरा बढ़ जाता है।
प्रशासन के अनुसार, यह प्रतिबंध जिले के संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा तथा संभावित आपदाओं की रोकथाम के लिए लगाया गया है। हालांकि, आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचों के पुनर्निर्माण कार्य इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे।
जिला मजिस्ट्रेट ने सभी उपमंडल अधिकारियों (नागरिक) और कार्यकारी मजिस्ट्रेटों को आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 60 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भाषा प्रचेता पवनेश
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