नई दिल्ली। कृषि कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों को केंद्र सरकार प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव के अनुसार, MSP खत्म नहीं होगा। सरकार MSP को जारी रखेगी और इसके लिए कानून बनाया जाएगा।
सिंघु बॉर्डर पर किसान नेताओं को कृषि कानूनों पर भारत सरकार का प्रस्ताव मिला। #FarmersProtest pic.twitter.com/Tvgzzp9kBj
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 9, 2020
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हम प्रस्ताव को पढ़ेंगे, फिर इस पर चर्चा के बाद कोई फैसला लिया जाएगा। प्रस्ताव लगभग 20 पन्नों का है: मंजीत सिंह, भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष, दोआबा #FarmLaws https://t.co/EWpTEOdmz8 pic.twitter.com/NxH8dlKxeN
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वहीं इस प्रस्ताव पर प्रदर्शनकारी किसान नेताओं की प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है। कंवलप्रीत सिंह पन्नू के मुताबिक सभी तीन कृषि कानूनों को निरस्त किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि अगर प्रस्ताव में केवल संशोधनों की बात की जाती है तो हम इसे खारिज कर देंगे।
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भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष मंजीत सिंह के मुताबिक प्रस्ताव को पहले पढ़ा जाएगा, फिर इस पर चर्चा के बाद कोई फैसला लिया जाएगा। प्रस्ताव लगभग 20 पन्नों का है। सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसान नेताओं को कृषि कानूनों पर भारत सरकार का प्रस्ताव मिला है।
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सरकार की ओर जारी किए गए प्रस्ताव के मुताबिक, मंडी कानून APMC में बड़ा बदलाव होगा। प्राइवेट प्लेयर्स को रजिस्ट्रेशन कराना होगा। सरकार अब कॉन्ट्रैक्ट फॉर्मिंग में किसानों को कोर्ट जाने का अधिकार भी देगी। अलग फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन को भी मंजूरी मिलेगी। प्राइवेट प्लेयर्स पर टैक्स लगाने को मंजूरी दी जाएगी। फिलहाल सरकार इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल पेश नहीं करेगी। इसमें बदलाव किए जाने के बाद इसे सदन में पेश किया जाएगा।
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वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश ने इस बारे में कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने कल (मंगलवार) किसान संगठनों से कानून में क्या संशोधन हो सकते हैं उस पर बात की थी। किसानों ने जो भी संशोधन करने की मांग की उन्होंने सभी संशोधन करने की बात कही है। आज सरकार किसानों को लिखित प्रस्ताव दे रही है। किसान विचार कर सरकार को बताएंगे।