लखनऊ, नौ जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि आउटसोर्सिंग प्रणाली में दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, ताकि कर्मचारियों के हितों की रक्षा की जा सके और विभागों को सुव्यवस्थित मानव संसाधन उपलब्ध हो सके।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीसीओएस) की भूमिका को और मजबूत करने के निर्देश दिए ताकि आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया, सेवा शर्तों और पारिश्रमिक प्रणाली को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और एकरूप बनाया जा सके।
यह निर्णय यूपीसीओएस की समीक्षा बैठक के दौरान लिया गया, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की। आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आउटसोर्सिंग प्रणाली को तकनीक आधारित, जवाबदेह और कर्मचारी हितैषी बनाया जाए।
बयान के मुताबिक यूपीसीओएस की स्थापना विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया, सेवा शर्तों और मानदेय प्रणाली में एकरूपता और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से की गई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आउटसोर्सिंग प्रणाली में दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि कर्मचारियों के हितों की रक्षा हो सके और विभागों को व्यवस्थित मानव संसाधन प्राप्त हो सके।’’
बैठक में मुख्यमंत्री ने आउटसोर्स कर्मियों के लिए एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल की प्रगति की समीक्षा की और इसे निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नियुक्ति, सत्यापन और निगरानी प्रक्रियाओं को केंद्रीकृत पोर्टल के माध्यम से संचालित किया जाए, जिससे प्रणाली अधिक सरल और प्रभावी बन सके।
इस बैठक में आउटसोर्सिंग एजेंसियों के पैनल में शामिल किए जाने की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि एजेंसियों के चयन और कार्यप्रणाली के मानकों को स्पष्ट और पारदर्शी बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए, ताकि सभी सरकारी विभागों में एक समान आउटसोर्सिंग प्रणाली लागू की जा सके।
भाषा
सं, आनन्द रवि कांत