अपने कार्यकाल के आखिरी दिन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने देश को संबोधित किया, उन्होने कहा कि मैं देश के लोगों के इतने प्यार के लिए हमेशा उनका आभारी रहूंगा….उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक विविधता भारत को खास बनाती है. लेकिन देश में बढ़ रही हिंसा पर उन्हांेने चिंता जताते हुए कहा कि देश को एक बार फिर से अहिंसा का पाठ पढ़ाने की जरूरत है….रविवार को भी हुए अपने विदाई समारोह में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कई मुद्दों पर बात की थी. उन्होंने कहा था मैंने अपने जीवन में बहुत कुछ सीखा है. मेरे करियर को इंदिरा गांधी ने दिशा दी. मुझे इस लोकतंत्र के मंदिर ने तैयार किया है. जो देश की एकता संविधान का आधार है वहीं उन्होने बताया था कि जीएसटी पास होना परिपक्व लोकतंत्र की निशानी है जबकि संसद में बिना बहस के पास हुआ बिल जनता के साथ धोखा है।