गुरुवायुर (केरल), 15 मई (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. मुरलीधरन ने शुक्रवार को कहा कि रमेश चेन्निथला को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाना चाहिए और पार्टी नेतृत्व उनके संपर्क में है।
केरल के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल रहे चेन्निथला बृहस्पतिवार को कांग्रेस आलाकमान द्वारा वी.डी. सतीशन के नाम की घोषणा होते ही अपना आवास छोड़कर चले गए थे।
यहां श्रीकृष्ण मंदिर में दर्शन के बाद मुरलीधरन ने संवाददाताओं से कहा कि सतीशन के नाम की घोषणा पूर्व प्रदेशाध्यक्ष समेत कांग्रेस विधायकों, सांसदों और वरिष्ठ नेताओं से विचार-विमर्श के बाद की गई।
उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा पिछले चुनाव में भी हमें लोगों के बीच सतीशन को मुख्यमंत्री बनाए जाने की इच्छा साफ तौर पर दिखाई दी थी। चुनाव के बाद जब मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र में गया, तब भी लोगों ने सतीशन के प्रति समर्थन जताया। इन सब बातों को, और जनभावना को ध्यान में रखते हुए अंतिम फैसला लिया गया।’’
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सतीशन के नाम का समर्थन किया था तो मुरलीधरन ने कहा कि इससे पहले भी ऐसे सवालों पर उन्होंने कभी इनकार नहीं किया।
उन्होंने कहा, ‘‘इसका मतलब आप सही हैं।’’
चेन्निथला के मंत्रिमंडल में शामिल होने के सवाल पर मुरलीधरन ने कहा कि यह फैसला आलाकमान उनसे चर्चा के बाद लेगा।
उन्होंने कहा कि चेन्निथला हमेशा आलाकमान के फैसलों को स्वीकारते आए हैं और एक अनुशासित कांग्रेसी हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘इसमें कोई शक नहीं कि वह आलाकमान के कहने पर काम करेंगे। मेरी जानकारी के मुताबिक राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे उनसे बात कर चुके हैं। मंत्रिमंडल को उन जैसे व्यक्ति की जरूरत है।’’
विपक्षी दलों और जाति संगठनों के इस आरोप को वट्टीयूरकावू से निर्वाचित विधायक मुरलीधरन ने सिरे से खारिज किया कि सतीशन के नाम की घोषणा ‘इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग’ (आईयूएमएल) के दबाव में हुई।
उन्होंने कहा कि यह मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की गढ़ी हुई कहानी है, जो हालिया विधानसभा चुनाव में अपनी हार को हजम नहीं कर पा रही।
मंत्री पद को लेकर मुरलीधरन ने साफ कहा कि उन्होंने कभी पार्टी नेतृत्व से मंत्री पद की मांग नहीं की।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस एक लोकतांत्रिक दल है और मंत्रियों के चयन में किसी भी मतभेद की स्थिति में अंतिम फैसला आलाकमान का होगा, जिसे सभी मानेंगे।
पिनराई विजयन के नेता प्रतिपक्ष बनने की अटकलों पर मुरलीधरन ने कहा कि यह यूडीएफ के लिए अच्छा रहेगा।
उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, ‘‘जब वह मुख्यमंत्री थे, तब हमने 102 सीट जीतीं। अगर वे नेता प्रतिपक्ष बनते हैं, तो हम सभी विधानसभा सीटें जीत लेंगे। हालांकि हम हमेशा एक मजबूत विपक्ष चाहते हैं।’’
भाषा
खारी गोला
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