नयी दिल्ली, 24 मई (भाषा) मुसलमानों के एक संगठन ने रविवार को समुदाय के लोगों से ईद-उल-अजहा के दौरान गाय की कुर्बानी न देने की अपील की। संगठन ने कहा कि कानूनी प्रतिबंधों और अशांति की आशंका को देखते हुए किसी अन्य जानवर की कुर्बानी देना उचित होगा।
ऑल इंडिया पसमांदा उलेमा बोर्ड (एआईपीयूबी) ने पशुओं की कुर्बानी को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में यह बात कही।
संगठन ने कहा, ‘‘निस्संदेह, ‘कुर्बानी’ इबादत का एक कार्य है और शरीयत के अनुसार गाय भी उन जानवरों में शामिल है जिनकी कुर्बानी दी जा सकती है।’’
एआईपीयूबी प्रमुख उबैदुल्ला कासमी ने कहा, ‘‘हालांकि, ऐसी परिस्थितियों में जहां सरकार द्वारा कानूनी प्रतिबंध लगाया गया हो और ऐसी कुर्बानी देने से अशांति, दंगे, मुसलमानों की जान-माल को खतरा या सांप्रदायिक तनाव पैदा होने की आशंका हो, वहां कानून का पालन करते हुए अन्य जानवरों की कुर्बानी देना ही समझदारी और विवेक के सबसे अधिक अनुरूप कदम होगा।’’
भाषा गोला नेत्रपाल
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