नड्डा ने बाढ़ प्रभावित अरुणाचल का दौरा करने के बाद केंद्र की ओर से पूरी मदद का भरोसा दिया

Ads

नड्डा ने बाढ़ प्रभावित अरुणाचल का दौरा करने के बाद केंद्र की ओर से पूरी मदद का भरोसा दिया

  •  
  • Publish Date - August 6, 2026 / 07:17 PM IST,
    Updated On - August 6, 2026 / 07:17 PM IST

ईटानगर, छह अगस्त (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे पी नड्डा ने बृहस्पतिवार को बाढ़ प्रभावित अरुणाचल प्रदेश के लिए राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों में केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने केई पान्योर जिले के सबसे अधिक प्रभावित इलाकों का दौरा कर हालिया आकस्मिक बाढ़ और भूस्खलन से हुए नुकसान का जायजा लिया।

अधिकारियों ने बताया कि नड्डा ने पोस्सा गांव और इससे सटी एनईईपीसीओ कॉलोनी का दौरा किया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार संकट की इस घड़ी में राज्य के लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है।

नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और राज्य सरकार के साथ समन्वय कर प्रभावित परिवारों तक समय पर राहत सामग्री, चिकित्सा सहायता और वित्तीय मदद पहुंचाने का काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि नुकसान का विस्तृत आकलन पूरा होने के बाद क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण और प्रभावित लोगों के पुनर्वास का काम प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

नड्डा के साथ राज्य के शहरी विकास मंत्री बालो राजा, याचुली के विधायक टोको तातुंग, केई पान्योर जिले के अधिकारी और पंचायत प्रतिनिधि भी मौजूद थे।

प्रतिनिधिमंडल ने बाढ़ से प्रभावित रिहायशी इलाकों, क्षतिग्रस्त सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने प्रभावित परिवारों और स्थानीय अधिकारियों से बातचीत करके उनकी तत्काल जरूरतों (स्वास्थ्य सेवा और आपातकालीन सहायता समेत) का आकलन किया।

नड्डा ने राहत कार्यों, राहत शिविरों के कामकाज और जरूरी बुनियादी ढांचे को बहाल करने तथा क्षतिग्रस्त घरों और सार्वजनिक संपत्तियों के पुनर्निर्माण के लिए राज्य की योजनाओं की भी समीक्षा की।

याचुली के विधायक टोको तातुंग ने नड्डा को 24 जुलाई को बादल फटने और अचानक आई बाढ़ से केई पान्योर जिले में सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, निजी संपत्तियों और आजीविका को हुए व्यापक नुकसान की जानकारी दी।

उन्होंने प्रभावित इलाकों का दौरा करने के लिए केंद्रीय मंत्री का धन्यवाद किया और कहा कि उनके व्यक्तिगत आकलन से राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण के कामों में तेजी लाने में मदद मिलेगी।

उपायुक्त अंकिता मिश्रा ने प्रशासन की ओर से किए गए राहत और पुनर्वास कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग-13 पर सड़कों और पुलों को हुए भारी नुकसान का भी जिक्र किया; यह राजमार्ग राज्य की एक मुख्य सड़क है जो छह जिलों को आपस में जोड़ती है।

उन्होंने बिना रुकावट कनेक्टिविटी और आवश्यक सेवाओं को सुनिश्चित करने के लिए इसे जल्द से जल्द बहाल करने की जरूरत पर जोर दिया।

यह दौरा केई पान्योर जिले में भारी मानसूनी बारिश और पोसा नदी क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर बादल फटने के कारण आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन से हुई तबाही के बाद हुआ। इस आपदा से पोसा क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ।

राज्य में हाल ही में आई अचानक बाढ़ और बादल फटने से प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद नड्डा ने ईटानगर में मुख्यमंत्री पेमा खांडू, उपमुख्यमंत्री चोवना मीन, राज्य के मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ स्थिति का जायजा लेने के लिए एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

नड्डा ने हालात सामान्य होने की प्रक्रिया के दौरान राज्य को सहयोग देने की केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

उन्होंने कहा कि हालात सामान्य होने तक प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार, राज्य सरकार के साथ मिलकर प्रभावित लोगों को त्वरित राहत, वित्तीय सहायता और हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराती रहेगी।

पूर्वोत्तर राज्य में बाढ़ और भूस्खलन से अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है। बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में 28 जिले आए हैं इनसे लगभग 1,55,858 लोग प्रभावित हुए हैं।

भाषा

शुभम पवनेश

पवनेश