नयी दिल्ली, आठ मई (भाषा) भारत की पहली ‘डॉल्फिन बचाव एम्बुलेंस’ ने अब तक आठ गंगा डॉल्फिन को बचाकर वापस नदी में छोड़ दिया है। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) ने उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में चलाए गए अपने ताजा बचाव अभियान की जानकारी देते हुए यह बताया।
एनएमसीजी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा कर बताया कि गोंडा में एक वयस्क नर गंगा डॉल्फिन नहर में फंसी मिली थी। उसने बताया कि वह नदी की धारा से भटक गई थी और उथले पानी में फंसी होने के कारण हर पल कमजोर होती जा रही थी।
उसने कहा, ‘‘ऐसे में एक ही उम्मीद थी, एनएमजीसी की डॉल्फिन एम्बुलेंस। उत्तर प्रदेश वन विभाग और ‘टर्टल सर्वाइवल अलायंस (टीएसए) इंडिया’ की टीम मौके पर पहुंची तथा 13 घंटे की लगातार मेहनत के बाद डॉल्फिन को सुरक्षित बाहर निकाला गया, चिकित्सकीय जांच की गई और राप्ती नदी में फिर से छोड़ दिया गया। एक जीव फिर से अपने घर लौटा।’’
एनएमसीजी ने इस अभियान को विशेष बचाव सुविधा की एक और सफलता बताते हुए कहा कि नमामि गंगे मिशन के तहत इस वर्ष के आरंभ में शुरू की गई डॉल्फिन एम्बुलेंस गंगा नदी की विलुप्तप्राय डॉल्फिन के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण व्यवस्था के रूप में उभरी है।
उसने कहा, ‘‘यह डॉल्फिन एम्बुलेंस सिर्फ एक वाहन नहीं है। यह भारत की इस प्रकार की पहली सुविधा है जिसे जनवरी 2026 में शुरू किया गया था और तब से अब तक आठ गंगा डॉल्फिन को बचाकर वापस नदी में छोड़ा जा चुका है।’’
एनएमसीजी ने कहा, ‘‘यह अंदर से एक चलता-फिरता आईसीयू है जिसमें हर जरूरी उपकरण मौजूद है ताकि संकट के समय एक भी पल बर्बाद न हो।’’
उसने कहा कि गंगा डॉल्फिन भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव है और उनकी कुल अनुमानित संख्या लगभग 6,324 है।
उसने कहाा, ‘‘हर एक डॉल्फिन कीमती है। हर एक बचाव, उनकी पूरी प्रजाति के भविष्य की दिशा में एक कदम है।’’
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने नमामि गंगे मिशन की जलीय जैव विविधता संरक्षण पहलों के तहत इस वर्ष जनवरी में भारतीय वन्यजीव संस्थान में डॉल्फिन बचाव एम्बुलेंस की शुरुआत की थी।
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सिम्मी वैभव
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