हैदराबाद, 10 जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने बुधवार को कहा कि चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को अपने खिलाफ दर्ज मामलों और संपत्तियों के बारे में जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन ने अपने खिलाफ लंबित एक मामले की जानकारी होने के बावजूद उसका विवरण प्रस्तुत नहीं किया।
नटराजन तेलंगाना में पार्टी प्रभारी हैं। नटराजन का नामांकन खारिज किये जाने के बारे में पूछे जाने पर राव ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह निर्णय लिया होगा और भाजपा का इससे कोई लेना-देना नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘नियम यह है कि आपको किसी भी मामले और संपत्ति के बारे में जानकारी देनी होगी। इसमें कोई छूट नहीं है। यह उच्चतम न्यायालय का निर्देश है और आपको हलफनामे में इसका जिक्र करना होगा। उन्होंने इसका जिक्र नहीं किया। क्या उन्हें मामले के बारे में पता नहीं था? उन्होंने संबंधित अदालत में जवाबी हलफनामा दायर किया था। उन्हें उस मामले की जानकारी थी।’’
वरिष्ठ वकील राव ने कहा कि जब जानकारी का खुलासा नहीं किया गया था, तो नामांकन खारिज होना तय था।
मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीट पर 18 जून को होने वाले चुनाव में मंगलवार को उस समय नाटकीय मोड़ आ गया था, जब अपने शपथपत्र में जानकारी छुपाने के आरोप में नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया था।
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी द्वारा लगाये गये इस आरोप के बारे में पूछे जाने पर कि महाराष्ट्र के उनके समकक्ष देवेंद्र फडणवीस तेलंगाना सरकार द्वारा गोदावरी नदी पर दोनों राज्यों की सीमा पर प्रस्तावित बैराज की ऊंचाई पर बैठक के लिए समय नहीं दे रहे हैं, राव ने दावा किया रेड्डी गंभीर प्रयास नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘आपकी स्थिति भी यहां समान है। यह कहना सही नहीं है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री तेलंगाना के मुख्यमंत्री को मुलाकात का समय नहीं दे रहे हैं। देवेंद्र फडणवीस का रवैया मानवीय है और वह कभी किसी का अपमान नहीं करते। अगर रेड्डी चाहें, तो मैं उन्हें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के पास ले जाऊंगा। वह मुलाकात के लिए ईमानदारी से प्रयास नहीं कर रहे हैं।’’
पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) का उदाहरण देते हुए, भाजपा नेता ने कहा कि रेवंत रेड्डी का राजनीतिक हश्र भी वैसा ही होगा जैसा उनके पूर्ववर्ती का हुआ था।
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देवेंद्र सुरेश
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