राष्ट्रीय प्राणी उद्यान ने पशु चिकित्सालय के आधुनिकीकरण की योजना बनाई

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राष्ट्रीय प्राणी उद्यान ने पशु चिकित्सालय के आधुनिकीकरण की योजना बनाई

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  • Publish Date - July 3, 2026 / 08:00 PM IST,
    Updated On - July 3, 2026 / 08:00 PM IST

(श्रुति भारद्वाज)

नयी दिल्ली, तीन जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय प्राणी उद्यान प्रशासन ने पशुओं की स्वास्थ्य सेवाओं और वन्यजीव प्रबंधन को मजबूत करने के लिए अपने पशु चिकित्सालय के आधुनिकीकरण की योजना बनाई है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि इस उद्देश्य से प्राणी उद्यान ने एक जीवविज्ञानी की नियुक्ति की है तथा उन्नत जांच उपकरणों और वैज्ञानिक तरीके से आहार प्रबंधन की व्यवस्था शुरू की है।

अधिकारी ने बताया कि मौजूदा पशु चिकित्सालय का विस्तार कर उसे आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसमें ऑपरेशन थियेटर, पोस्टमार्टम कक्ष, प्रयोगशाला तथा प्रसूति एवं नवजात देखभाल वार्ड की व्यवस्था होगी।

उन्होंने कहा कि वन्यजीवों के उपचार, पुनर्वास और जनजागरूकता को मजबूत करने के लिए एक समर्पित बचाव केंद्र और एक शिक्षा केंद्र भी विकसित किया जाएगा।

अधिकारी ने बताया कि चिड़ियाघर ने पशुओं के व्यवहार का अध्ययन करने, उनकी देखभाल संबंधी व्यवस्थाओं का आकलन करने तथा पशुओं की देखभाल, बाड़ों के प्रबंधन और बंदी वन्यजीवों के संरक्षण को आधुनिक बनाने के उपाय सुझाने के लिए एक जीवविज्ञानी (बायोलॉजिस्ट) और एक शिक्षा सहायक की नियुक्ति की है।

उन्होंने बताया कि पशुओं के व्यवहार का अवलोकन करने और वैज्ञानिक दल की सहायता के लिए करीब 12 प्रशिक्षु भी प्राणी उद्यान से जुड़े हैं। उनके अवलोकन से पशुओं के व्यवहार में होने वाले बदलावों की पहचान करने और उनके आवास, समृद्धिकरण तथा समग्र कल्याण में और क्या सुधार किए जा सकते हैं, इसका आकलन करने में मदद मिलेगी।

अधिकारी ने कहा कि प्राणी उद्यान ने अपने पशु चिकित्सालय की सुविधाओं को भी उन्नत किया है। इसके तहत सीरम एनालाइजर, आधुनिक शल्य चिकित्सा उपकरण और नवजात शिशुओं के लिए इनक्यूबेटर लगाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि इन उपकरणों की मदद से पशु चिकित्सक अब कई प्रकार की जांच चिड़ियाघर परिसर में ही कर सकेंगे और इसके लिए पशुओं को बाहर नहीं ले जाना पड़ेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘पहले कुछ जांचों के लिए पशुओं को चिड़ियाघर से बाहर ले जाना पड़ता था, जिससे उपचार शुरू होने में देरी होती थी। नई सुविधाएं उपलब्ध होने के बाद पशु चिकित्सक बीमारियों का तेजी से पता लगा सकेंगे और समय पर उपचार उपलब्ध करा सकेंगे।’’

भाषा राखी रंजन

रंजन

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