नायब सैनी ने कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया

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नायब सैनी ने कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया

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  • Publish Date - September 29, 2026 / 03:23 PM IST,
    Updated On - September 29, 2026 / 03:23 PM IST

चंडीगढ़, 29 सितंबर (भाषा) हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को कल्याणकारी योजनाओं का पारदर्शी तरीके से जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि विभागों की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों में आंकड़ों के बजाय वास्तविक प्रभाव पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। मंगलवार को जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई।

मुख्यमंत्री सैनी ने राज्य सरकार के प्रमुख विभागों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

बयान में कहा गया कि बैठक के दौरान कृषि एवं किसान कल्याण, बागवानी, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड, विकास एवं पंचायत, सिंचाई एवं जल संसाधन तथा सहकारिता विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों और शुरू किए गए तकनीकी सुधारों की भी समीक्षा की गई।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने मुख्यमंत्री को अपनी उस पहल की जानकारी दी, जिसके तहत एकीकृत उर्वरक प्रबंधन प्रणाली (आईएफएमएस) को ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ (एमएफएमबी) पोर्टल से जोड़ा जा रहा है।

इस प्रणाली के तहत उर्वरकों की आपूर्ति केवल सत्यापित और पंजीकृत किसानों को बिक्री केंद्र (पीओएस) मशीनों के माध्यम से की जा रही है। बयान में कहा गया कि इस प्रणाली से यूरिया और डीएपी की कालाबाजारी तथा औद्योगिक दुरुपयोग पर अंकुश लगाने में मदद मिली है। बयान के अनुसार, इस व्यवस्था के तहत आठ अक्टूबर, 2025 से 14 सितंबर, 2026 के बीच 820 करोड़ रुपये की सब्सिडी की बचत दर्ज की गई।

सैनी ने निर्देश दिया कि प्रणाली को और प्रभावी बनाने के लिए कृषि वैज्ञानिक नियमित रूप से खेतों का दौरा करें, किसानों से बातचीत करें तथा फसलों में कीट और रोगों के प्रकोप के कारणों और उनके समाधान पर वैज्ञानिक शोध करें।

मुख्यमंत्री ने नई प्रौद्योगिकियों और फसलों की नई किस्मों पर शोध को बढ़ावा देने के लिए एक समर्पित अनुसंधान केंद्र स्थापित करने का भी निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि केंद्र में गन्ने और अन्य फसलों की नई एवं उन्नत किस्मों पर शोध किया जाना चाहिए तथा उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि अनुसंधान को किसानों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ा जाना चाहिए, ताकि उन्हें सीधे लाभ मिल सके।

हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (एचएसएएमबी) द्वारा संचालित मुख्यमंत्री किसान एवं खेतिहर मजदूर जीवन सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान सैनी ने कहा कि प्रत्येक पात्र किसान को देय पूरा बीमा लाभ मिलना चाहिए और वास्तविक नुकसान की भरपाई की जानी चाहिए।

भाषा तान्या नरेश

नरेश