नयी दिल्ली, 29 सितंबर (भाषा) वैश्विक एआई (कृत्रिम मेधा) बाजार को 2031 तक सालाना करीब 6,000 अरब डॉलर तक पहुंचना होगा, ताकि एआई बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए जरूरी धन जुटाया जा सके और इस क्षेत्र में किए जा रहे भारी निवेश को उचित ठहराया जा सके। वैश्विक प्रबंधन परामर्श फर्म ‘बेन एंड कंपनी’ ने अपनी रिपोर्ट में यह बात कही है।
बेन एंड कंपनी ने मंगलवार को जारी अपनी सातवीं वार्षिक ‘ग्लोबल टेक्नोलॉजी रिपोर्ट’ में कहा कि इस मूल्य का बड़ा हिस्सा कर्मचारियों की उत्पादकता में बढ़ोतरी के बजाय नवाचार से प्राप्त होना होगा।
रिपोर्ट के अनुसार, 2031 तक एआई बुनियादी ढांचे पर सालाना खर्च 1,500 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इसमें नए डेटा सेंटर, कंप्यूट क्षमता और मौजूदा जीपीयू, मेमोरी तथा नेटवर्किंग उपकरणों के उन्नयन पर होने वाला खर्च शामिल है।
बेन ने कहा कि अगर पूंजीगत व्यय उद्योग के राजस्व का करीब 25 प्रतिशत रहता है, तो इस स्तर के निवेश को बनाए रखने के लिए 2031 तक एआई बाजार को सालाना करीब 6,000 अरब डॉलर तक पहुंचना होगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा एआई अनुप्रयोग इस जरूरत का केवल एक हिस्सा ही पूरा कर पाएंगे। सब्सक्रिप्शन और विज्ञापन के जरिये एआई उपभोक्ताओं से 2031 तक 200-400 अरब डॉलर का राजस्व मिल सकता है। वहीं, एंटरप्राइज एआई सॉफ्टवेयर विकास, बिक्री, विपणन, ग्राहक सेवा और आईटी संचालन जैसे क्षेत्रों में 1,000-1,400 अरब डॉलर का योगदान दे सकता है।
बेन के वैश्विक प्रौद्योगिकी-प्रैक्टिस के चेयरमैन डेविड क्रॉफर्ड ने कहा, ‘‘आज की बहस कर्मचारियों की उत्पादकता पर केंद्रित है। एआई बुनियादी ढांचे की अर्थव्यवस्था के लिए उत्पादकता लाभ से आगे बढ़कर खरबों डॉलर के नए राजस्व की जरूरत है।’’
भाषा यासिर अजय
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