निर्वाचन आयोग से मान्यता प्राप्त दल है एनसीपीआई: सुदीप बंद्योपाध्याय
निर्वाचन आयोग से मान्यता प्राप्त दल है एनसीपीआई: सुदीप बंद्योपाध्याय
नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने रविवार को सर्वदलीय बैठक में तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों की मौजूदगी का विरोध करने वाले विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि एनसीपीआई निर्वाचन आयोग से ‘मान्यता प्राप्त’ राजनीतिक दल है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद 19 अन्य बागी तृणमूल सांसदों के साथ एनसीपीआई में शामिल हुए बंद्योपाध्याय ने कहा कि यह (एनसीपीआई) सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का ‘‘सबसे बड़ा घटक दल’’ भी है।
उन्होंने कहा, ‘मैंने कभी नहीं देखा कि सर्वदलीय नेताओं की बैठक के दौरान बहिर्गमन हुआ हो… एनसीपीआई निर्वाचन आयोग से मान्यता प्राप्त है। काकोली घोष दस्तीदार लोकसभा अध्यक्ष (ओम बिरला) को सभी दस्तावेज सौंपेंगी।’
बंद्योपाध्याय ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के 20 लोकसभा सदस्यों के एनसीपीआई में शामिल होने के बाद वह (तृणमूल) अब एक छोटी पार्टी रह गई है।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘मैंने (सर्वदलीय बैठक में) यह मांग भी रखी कि एक छोटी पार्टी (तृणमूल कांग्रेस) को लोकसभा की पहली पंक्ति में सीट नहीं दी जानी चाहिए। 28 में से 20 सांसदों के अलग होने के बाद अब पार्टी (तृणमूल कांग्रेस) में केवल आठ सांसद बचे हैं।’
संसद के मानसून सत्र से पहले सरकार की ओर से रविवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों सुदीप बंद्योपाध्याय और काकोली घोष दस्तीदार को आमंत्रित किए जाने के विरोध में सांकेतिक बहिर्गमन किया।
तृणमूल कांग्रेस नेता महुआ मोइत्रा ने बागी सांसदों को आमंत्रित करने के सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ने अभी तक उनकी स्थिति पर फैसला नहीं किया है, फिर भी सरकार उन्हें ‘मान्यता देने’ के लिए आगे बढ़ गई।
हालांकि, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने इस फैसले का बचाव किया। उन्होंने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘एनसीपीआई ने लोकसभा अध्यक्ष से मान्यता मांगी है, आप उन्हें कैसे नजरअंदाज कर सकते हैं? सभी को आमंत्रित करना सरकार का कर्तव्य है।’
विपक्ष के आरोपों पर बंद्योपाध्याय ने कहा, ‘वे जो कहना चाहते हैं, कहने दें। लोकसभा अध्यक्ष को जो कहना होगा, वह कल ही पता चलेगा, जब संसद का (मानसून) सत्र शुरू होगा और यह स्पष्ट होगा कि किसकी सीट कहां है।’
तृणमूल कांग्रेस की अपने 20 बागी सांसदों की अयोग्यता की मांग पर उन्होंने कहा कि इस पर फैसला लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को करना है।
उन्होंने कहा, ‘अगर लोकसभा अध्यक्ष को लगता है कि अयोग्यता उचित है तो वह अयोग्य घोषित करेंगे। और अगर उन्हें लगता है कि हमें कल से पहली पंक्ति में एक अलग समूह के रूप में बैठना चाहिए, तो यह भी कल पता चलेगा। 24 घंटे इंतजार करें।’
बंद्योपाध्याय ने कहा कि दस्तीदार रविवार को लोकसभा अध्यक्ष को सभी जरूरी दस्तावेज सौंपेंगी। दस्तीदार ने कहा, ‘हम सर्वदलीय बैठक में आमंत्रित किए जाने के लिए आभार व्यक्त करते हैं। यह हमारे नवगठित 20 सांसदों के गठबंधन के प्रति सम्मान का संकेत है।’
सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र से पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शिवसेना (उबाठा) के छह सांसदों के विलय को मंजूरी दी थी और तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों के लिए अलग बैठने की व्यवस्था की अनुमति दी थी।
भाषा अमित सुभाष
सुभाष

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