एनसीआरबी के आंकड़ों ने कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर सरकार के खोखले दावों को उजागर किया: खरगे

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एनसीआरबी के आंकड़ों ने कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर सरकार के खोखले दावों को उजागर किया: खरगे

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  • Publish Date - May 8, 2026 / 05:58 PM IST,
    Updated On - May 8, 2026 / 05:58 PM IST

नयी दिल्ली, आठ मई (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों ने कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर मोदी सरकार के खोखले दावों को उजागर कर दिया है।

एनसीआरबी-2024 की रिपोर्ट बीते बुधवार को जारी की गई।

खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘मोदी सरकार के 12 वर्षों ने कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर उसके दावों का खोखलापन उजागर कर दिया है और सच्चाई देश के सामने ला दी है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार 2013 के बाद से महिलाओं के खिलाफ अपराध 42.6 प्रतिशत बढ़ गए हैं, बच्चों के खिलाफ अपराध 204.6 प्रतिशत बढ़ गए हैं, दलितों के खिलाफ अत्याचार में 41.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आदिवासियों के खिलाफ अपराध 46.7 प्रतिशत बढ़ गए हैं।’’

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘साइबर अपराध में 1,689 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। 2024 में 10,546 किसानों, 52,931 दिहाड़ी मजदूरों और 14,488 छात्रों ने आत्महत्या की।’’

अखिल भारतीय महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा ने कहा, ‘‘एनसीआरबी-2024 की रिपोर्ट केंद्र की भाजपा सरकार के महिला सुरक्षा से जुड़े दावों की पोल खोल रही है। आंकड़े बताते हैं कि पिछले 11 साल में 42,85,888 महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले सामने आए हैं। भाजपा सरकार में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। ये महिलाएं पिछले कई साल से न्याय मांग रही हैं, जिनकी सुनवाई नहीं हो रही।’’

उन्होंने कहा कि देश में हर 70 मिनट में एक महिला दरिंदगी का शिकार होती है।

कांग्रेस नेता ने दावा किया, ‘‘महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में उत्तर प्रदेश नंबर एक है, जहां 66,398 मामले सामने आए हैं। ये हाल उस उत्तर प्रदेश में है, जहां ‘डबल इंजन’ की सरकार है।’’

अलका ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ सबसे ज्यादा अपराध भाजपा शासित राज्यों में हो रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में 66,398 मामले सामने आए। इसके साथ ही महाराष्ट्र में 47,954, राजस्थान में 36,563, पश्चिम बंगाल: 34,360 और मध्य प्रदेश: 32,832 मामले दर्ज हुए।

अलका ने दावा किया, ‘‘देश में हर दिन 10 दलित महिलाओं के साथ बलात्कार होता है। देश इस अन्याय और अत्याचार पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार से जवाब मांग रहा है।’’

महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि एनसीआरबी के आंकड़ों पर चर्चा होनी चाहिए और सरकार को बताना चाहिए कि अब तक कितनी पीड़िताओं को न्याय मिला है। मगर असलियत यही है कि देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वाले दरिंदों को भाजपा हमेशा से बचाती आई है और उन्हें संरक्षण देती आई है।‘‘

भाषा हक

हक पवनेश

पवनेश

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