जन विश्वास विधेयक के तहत एनडीएमसी नियमों का पालन आसान बनाएगा

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जन विश्वास विधेयक के तहत एनडीएमसी नियमों का पालन आसान बनाएगा

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  • Publish Date - April 3, 2026 / 04:53 PM IST,
    Updated On - April 3, 2026 / 04:53 PM IST

नयी दिल्ली, तीन अप्रैल (भाषा) नयी दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) केंद्र सरकार के जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2026 के अनुरूप अपना प्रवर्तन दृष्टिकोण अपनाने जा रही है।

यह विधेयक एक हजार से अधिक छोटे मोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करता है और विश्वास-आधारित शासन की ओर एक बदलाव का संकेत देता है।

यह विधेयक बृहस्पतिवार को संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित किया गया।

एनडीएमसी ने 30 मार्च को कहा कि विधेयक द्वारा प्रस्तावित इकाई क्षेत्र पद्धति (यूएएम) को लागू करने से संपत्ति कर में 30 से 50 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है, जिससे विशेष रूप से पुरानी और स्वयं के कब्जे वाली संपत्तियों को लाभ होगा।

वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में यह विधेयक पेश किया, जिसमें एनडीएमसी अधिनियम, 1994 में कई बदलाव प्रस्तावित हैं।

यूएएम के लाभ पर प्रकाश डालते हुए एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत चहल ने एनडीएमसी क्षेत्र में संपत्ति कर में लगभग 30 से 50 प्रतिशत की कमी का उल्लेख किया।

उन्होंने बताया कि मियादी कारक पुरानी संपत्तियों को राहत प्रदान करेगा और विभाजन से संपत्ति के विभिन्न हिस्सों (जैसे दुकान और गोदाम) का अलग-अलग मूल्यांकन संभव होगा।

विधेयक में कर संरचना में पूर्ण संशोधन का भी प्रस्ताव है, जिसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि संपत्ति कर में अब दो घटक होंगे: भवन कर और रिक्त भूमि कर, जो नयी दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1994 की पूर्व धारा 61 का स्थान लेंगे।

एनडीएमसी का कर संग्रह पिछले वर्ष 1,045 करोड़ रुपये था और इस वर्ष बढ़कर लगभग 1,350 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है।

देश की राजनीतिक राजधानी और कई प्रतिष्ठित हस्तियों के निवास वाले एनडीएमसी क्षेत्र के लिए, इस बदलाव से दस्तावेज़ीकरण में कमी या प्रक्रियात्मक देरी जैसे मामूली उल्लंघनों के लिए दंडात्मक कार्रवाइयों में कमी आ सकती है।

अधिकारियों ने संकेत दिया कि अब जोर इस बात पर होगा कि दंड लगाने से पहले उल्लंघनकर्ताओं को गलती को सुधारने का अवसर दिया जाए।

भाषा

राखी नरेश

नरेश